औरंगाबाद में PNC कंपनी की लापरवाही से क्षतिग्रस्त हुई 11 हजार वोल्ट लाइन, 15 घंटे बिजली गुल; ग्रामीणों ने किया गेट जाम

Edited by Vivek Pandey
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PNC Infratech Negligence: औरंगाबाद में PNC इंफ्राटेक के वाहन से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने पर दर्जनों गांवों की बिजली 15 घंटे ठप रही. नाराज किसानों ने कंपनी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया.

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PNC Infratech Negligence: (सुजीत कुमार सिंह) भारतमाला परियोजना के तहत वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड की कथित लापरवाही से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई. घटना मंगलवार रात धनीबार स्थित कंपनी के बेस कैंप के समीप हुई, जिसके कारण धनीबार, विराज बिगहा, गोड़ीहा, सरईवार, बहेरा, कंठी बिगहा, कुशही, सिमरी, सिमरीवाला, कुशवाहा नगर, कईला बिगहा, मटपा, कृपा बिगहा समेत दर्जनों गांवों में करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही.

किसानों ने कंपनी के मुख्य गेट पर किया प्रदर्शन

लंबे समय तक बिजली नहीं मिलने से नाराज किसानों और ग्रामीणों ने बुधवार सुबह पीएनसी कंपनी के मुख्य गेट को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी के भारी वाहनों की लापरवाही से चार से पांच बार विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया.

सिंचाई प्रभावित, खेती पर बढ़ा संकट

ग्रामीणों ने बताया कि आर्द्रा नक्षत्र में धान का बिचड़ा डालने का महत्वपूर्ण समय चल रहा है. बिजली बाधित रहने से मोटर आधारित सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो गई. उत्तर कोयल नहर के दक्षिणी क्षेत्र के किसान मुख्य रूप से बारिश और बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भर हैं. कमजोर मानसून और बिजली संकट ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है.

सड़क सुरक्षा और धूल की समस्या भी उठाई

धनीबार गांव के जयविंद पांडेय ने आरोप लगाया कि कंपनी स्थानीय समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है. ग्रामीणों ने एनएच-139 के किनारे कंपनी के वाहनों की पार्किंग, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और कॉलोनी से धनीबार तक सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से उड़ रही धूल की समस्या भी उठाई. उनका कहना है कि इससे राहगीरों और बाइक सवारों को काफी परेशानी हो रही है.

आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन

ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट जीएम मनीष सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने तत्काल क्षतिग्रस्त बिजली पोल और लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कराया तथा स्थायी समाधान का आश्वासन दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर कंपनी का मुख्य गेट खोल दिया.

कई ग्रामीण रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन में जयविंद पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, महाराज मुखिया पंकज कुमार सिंह, रंजीत पांडेय, राजेंद्र सिंह, बबलू पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान शामिल रहे.

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लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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