भोजपुर का बाबा लंगटनाथ धाम: जहां शिव पूजा से पूरी होती हैं भक्तों की मनोकामनाएं, 5 तस्वीरों में जानिए कहानी

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भोजपुर में स्थित बाबा लंगटनाथ धाम आस्था का एक प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि यहां की शिवलिंग द्वापर युग में स्वयंभू प्रकट हुई थी. सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद बाबा लंगटनाथ पूरी करते हैं.
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बाबा लंगटनाथ धाम का भव्य मंदिर

भोजपुर में स्थित बाबा लंगटनाथ धाम आस्था का एक प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि यहां की शिवलिंग द्वापर युग में स्वयंभू प्रकट हुई थी. सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद बाबा लंगटनाथ पूरी करते हैं.

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भोजपुर में आस्था का पुराना केंद्र है बाबा लंगटनाथ धाम
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बाबा लंगटनाथ धाम का मंदिर, जहां भगवान शिव की पूजा के लिए पहुंचते हैं श्रद्धालु.

भोजपुर में आस्था का पुराना केंद्र है बाबा लंगटनाथ धाम

भोजपुर जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर सोनपुरा पंचायत में बाबा लंगटनाथ धाम स्थित है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां का शिवलिंग द्वापर युग में अपने आप प्रकट हुआ था. मान्यता है कि असुर राजा वाणासुर भगवान शिव के बड़े भक्त थे और उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनकी राजधानी शोणितपुर में वास किया. बाद में चेरो-खरवार राजाओं ने भी यहां भगवान शिव की पूजा की. तभी से इस जगह पर पूजा और जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है.

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करीब 100 साल पहले बना बाबा लंगटनाथ का मंदिर
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बाबा लंगटनाथ धाम का मुख्य मंदिर

करीब 100 साल पहले बना बाबा लंगटनाथ का मंदिर

स्थानीय जानकारी के अनुसार, करीब 100 साल पहले जैतपुर निवासी गोवर्धन पाठक ने इस शिवलिंग पर भव्य मंदिर बनवाया था. मंदिर की नींव के लिए खुदाई शुरू हुई तो शिवलिंग की मोटाई बढ़ती गई. इसी वजह से यहां के शिवलिंग को लेकर लोगों की आस्था और भी गहरी है.

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जहां शिव की पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी
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बाबा लंगटनाथ के शिवलिंग पर पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करतीं श्रद्धालु महिलाएं.

जहां शिव की पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी

बाबा लंगटनाथ धाम में श्रद्धालु शिवलिंग की पूजा और जलाभिषेक करते हैं. सावन, शिवरात्रि और सोमवार जैसे खास दिनों में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. लोगों का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद बाबा लंगटनाथ पूरी करते हैं, इसलिए इसे ‘मनोकामना धाम’ भी कहा जाता है.

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बाबा लंगटनाथ धाम में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब
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बाबा लंगटनाथ धाम में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु

बाबा लंगटनाथ धाम में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

बाबा लंगटनाथ धाम में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. खास मौकों पर मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तों से भर जाता है. मंदिर के पास एक विशाल पोखर भी है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में खास मान्यता है. कहा जाता है कि यह पोखर वाणासुर ने बनवाया था और करीब 52 बीघा में फैला है. पोखर के पास श्रद्धालु पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. धाम का यह माहौल यहां की गहरी आस्था और पुरानी परंपरा की झलक दिखाता है.

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इस वजह से पड़ा बाबा लंगटनाथ नाम
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बाबा लंगटनाथ धाम में पूजा के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

इस वजह से पड़ा बाबा लंगटनाथ नाम

स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां का शिवलिंग लंबे समय तक बिना किसी ढकाव के खुले रूप में था, इसलिए लोग इसे लंगटनाथ कहने लगे. इसी नाम से यह जगह धीरे-धीरे आसपास के लोगों के बीच पहचान बनाने लगी. आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा लंगटनाथ के दर्शन और पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं.

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