भरत तिवारी एनकाउंटर केस : आरोपी अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की फैली अफवाह, जानिए क्या है सच
भरत तिवारी की फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network
भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. एसडीएम और थानाध्यक्ष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर का कोर्ट ने खंडन किया है. जानें न्यायिक जांच की ताजा स्थिति.
Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर जिले में आज बड़ी अफवाह फैली. सिविल कोर्ट सीजीएम-1 के न्यायालय द्वारा एसडीएम एवं थानाध्यक्ष के विरुद्ध नॉन बेलेबल गिरफ्तारी वारंट के जारी होने की खबर एक वकील के हवाले से चली.
जानकारी सामने आने के बाद लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया. लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे. हालांकि कोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा कोई भी आदेश नहीं दिया गया है.
कोर्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा कोई भी वारंट निर्गत नहीं हुआ है. यह पूरी तरह गलत है. इस तरह की अफवाह से न्यायालय की गरिमा एवं संबंधित व्यक्तियों की गरिमा प्रभावित होती है.

Bharat Tiwari Encounter केस में क्या है अपडेट
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच दूसरे चरण में पहुंच गई है. पुलिस फायरिंग न्यायिक जांच आयोग ने आम लोगों, संगठनों और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना से जुड़े बयान, दस्तावेज, वीडियो और ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की है. आयोग ने शपथ पत्र के माध्यम से साक्ष्य जमा करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त निर्धारित की है.
आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए राज्यपाल के आदेश पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया गया है.
आयोग घटना की पृष्ठभूमि, पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों, उसके औचित्य और जिम्मेदारी तय करने सहित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगा. वहीं सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार सिंह को जांच आयोग के कार्यालय में विधि पदाधिकारी नियुक्त किया गया है.
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पहली गोली मारनेवाला एसटीएफ जवान अक्षय कुमार अरेस्ट
बीते माह 30 जुलाई को ही इस केस के मुख्य आरोपी एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया गया है. भरत तिवारी की मां आशा देवी ने आरोप लगाया था कि सरेंडर के बाद एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार ने ही सबसे पहले गोली चलाई थी.
CM सम्राट ने की परिवार को न्याय मिलने का दिया है आश्वासन 24 जुलाई को भरत तिवारी के परिजनों ने सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था.
सीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा. उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया था.
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