PHOTO: नालंदा के 5 ऐतिहासिक मंदिर, देश-विदेश से आते हैं श्रद्धालु, तस्वीरों में देखिए खूबसूरती

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नालंदा के 5 अद्भुत ऐतिहासिक मंदिरों की पड़ताल करें, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। कमल से घिरे पावापुरी जल मंदिर से लेकर राजगीर के जापानी मंदिर तक, जानें इनकी वास्तुकला और महत्व।
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मघड़ा का प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर, पावापुरी का भव्य जल मंदिर

नालंदा के 5 अद्भुत ऐतिहासिक मंदिरों की पड़ताल करें, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। कमल से घिरे पावापुरी जल मंदिर से लेकर राजगीर के जापानी मंदिर तक, जानें इनकी वास्तुकला और महत्व।

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कमल से घिरे जलाशय के बीच बना है पावापुरी का प्रसिद्ध जल मंदिर
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कमल से घिरे जलाशय के बीच बना है पावापुरी का प्रसिद्ध जल मंदि

कमल से घिरे जलाशय के बीच बना है पावापुरी का प्रसिद्ध जल मंदिर

सफेद संगमरमर से बना पावापुरी जल मंदिर विशाल जलाशय के बीच स्थित है, जहां चारों ओर खिले कमल इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. मंदिर तक पहुंचने के लिए बने लंबे पुल से यहां का मनोरम दृश्य दिखाई देता है. भगवान महावीर के निर्वाण से जुड़ा यह जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है. शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के कारण पावापुरी जल मंदिर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

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पावापुरी का भव्य जल मंदिर, संगमरमर की खूबसूरत नक्काशी है खास पहचान
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पावापुरी जल मंदिर की भव्य तस्वीर

पावापुरी का भव्य जल मंदिर, संगमरमर की खूबसूरत नक्काशी है खास पहचान

पावापुरी जल मंदिर की भव्य वास्तुकला श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है. सफेद संगमरमर से बने मंदिर के ऊंचे शिखर और विस्तृत सीढ़ियां इसकी खूबसूरती को खास बनाती हैं. मंदिर परिसर में शांत और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिलता है. भगवान महावीर से जुड़ा यह पावन स्थल जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है. देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के साथ मंदिर की भव्यता और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं.

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राजगीर का जापानी मंदिर, शांति और बौद्ध आस्था का खूबसूरत संगम
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राजगीर का जापानी मंदिर

राजगीर का जापानी मंदिर, शांति और बौद्ध आस्था का खूबसूरत संगम

राजगीर की पहाड़ियों के बीच स्थित जापानी मंदिर अपनी शांत वातावरण और आकर्षक बौद्ध वास्तुकला के लिए जाना जाता है. मंदिर परिसर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. यहां पहुंचकर लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है. प्राकृतिक सुंदरता से घिरा यह स्थल राजगीर आने वाले पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है.

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पावापुरी में भगवान महावीर की जन्मभूमि की स्मृति, आस्था का खास केंद्र
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महावीर की जन्मभूमि की स्मृति

पावापुरी में भगवान महावीर की जन्मभूमि की स्मृति, आस्था का खास केंद्र

पावापुरी स्थित भगवान महावीर जन्मभूमि कुंडलपुर परिसर का यह भव्य प्रवेश द्वार धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर से जुड़ा यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है. परिसर की आकर्षक वास्तुकला, भव्य संरचनाएं और शांत वातावरण यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. देश-विदेश से जैन धर्मावलंबी और पर्यटक इस पावन स्थल पर पहुंचकर भगवान महावीर से जुड़ी स्मृतियों और धार्मिक परंपराओं को करीब से महसूस करते हैं. कुंडलपुर की आध्यात्मिक शांति और ऐतिहासिक महत्व इसे नालंदा के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में खास स्थान दिलाता है.

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मघड़ा का प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर, आस्था और मान्यता का बड़ा केंद्र
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मघड़ा का प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर

मघड़ा का प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर, आस्था और मान्यता का बड़ा केंद्र

नालंदा के बिहारशरीफ के पास स्थित मघड़ा शीतला माता मंदिर को स्थानीय स्तर पर प्रसिद्ध सिद्धपीठ माना जाता है. मान्यता है कि यहां मां शीतला की प्रतिमा जमीन से प्राप्त हुई थी और बाद में मंदिर का निर्माण कराया गया. पंचाने नदी क्षेत्र से जुड़ी इस प्राचीन मान्यता के कारण मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मां शीतला को रोगों और कष्टों से मुक्ति दिलाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है, इसलिए मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है. खास अवसरों और पूजा-पर्व के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त जुटते हैं. मंदिर की धार्मिक मान्यताओं के साथ इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है, जो इसे नालंदा के प्रमुख आस्था स्थलों में शामिल करता है.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

विशेषज्ञता

विवेक रंजन पाण्डेय की विशेष रुचि बिहार की राजनीति, ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम अपडेट, प्रशासनिक गतिविधियों, चुनाव, अपराध, मौसम, शिक्षा तथा रिसर्च आधारित खबरों में है. वे लाइव कवरेज, एक्सक्लूसिव स्टोरी, SEO फ्रेंडली डिजिटल कंटेंट और डेटा आधारित रिपोर्टिंग में भी दक्ष हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक्स पर सक्रिय रहकर ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखते हैं.

पत्रकारिता अनुभव

पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

शिक्षा

विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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