PHOTOS: जहां गिरा था मां सती का दाहिना नेत्र, कैमूर की गुफा में विराजमान हैं मां ताराचंडी, तस्वीरों में देखिए अनदेखी कहानी

शक्तिपीठ मां ताराचंडी सासाराम

कैमूर पर्वत की गुफा में विराजमान मां ताराचंडी धाम
कैमूर की गुफा में विराजमान मां ताराचंडी, 51 शक्तिपीठों में है खास स्थान
सासाराम से करीब पांच किलोमीटर दूर कैमूर पर्वत की गुफा में स्थित मां ताराचंडी धाम आस्था और इतिहास का अनोखा संगम है. मान्यता है कि यह देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल प्राचीन सिद्धपीठों में से एक है. पौराणिक कथा के अनुसार, यहां माता सती का दाहिना नेत्र गिरा था, जिसके कारण इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है. मां ताराचंडी यहां बालिका स्वरूप में पूजित हैं और सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मां के नाम से जुड़ी मान्यता में ‘तारा’ और चंड असुर के वध से ‘चंडी’ नाम की कथा बताई जाती है. मंदिर परिसर में खरवार वंश के राजा प्रताप धवल देव का संवत 1229 का प्राचीन शिलालेख भी मौजूद है. नवरात्र और सावन में यहां भव्य मेले लगते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित यह धाम धार्मिक आस्था के साथ अपनी प्राचीन ऐतिहासिक विरासत के लिए भी खास है.

मां ताराचंडी धाम के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
मां ताराचंडी धाम का भव्य प्रवेश द्वार, आस्था से गुलजार परिसर
सासाराम के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां ताराचंडी धाम का यह प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है. द्वार पर मां ताराचंडी के जयकारे और धार्मिक प्रतीकों की भव्य सजावट नजर आती है. मंदिर परिसर तक पहुंचने वाले रास्ते के दोनों ओर पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानें सजी हैं. दूर-दूर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आता है. खास अवसरों और पर्व के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है. मां के दर्शन के लिए सीढ़ियों से आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का दृश्य आस्था की गहराई को दिखाता है. धार्मिक महत्व के साथ यह परिसर सासाराम की सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है.

मां ताराचंडी धाम परिसर में मंदिर के समीप स्थित मस्जिद
मां ताराचंडी धाम में आस्था और इतिहास का अनोखा संगम
सासाराम के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां ताराचंडी धाम परिसर में स्थित यह मस्जिद है. मंदिर परिसर के बीच बनी यह संरचना धार्मिक सौहार्द और ऐतिहासिक विरासत की तस्वीर पेश करती है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, इसका निर्माण मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल में कराया गया था. कहा जाता है कि औरंगजेब के मंदिरों को नुकसान पहुंचाने के अभियान के दौरान वह ताराचंडी धाम भी पहुंचा था. मान्यता है कि मां ताराचंडी की शक्ति के कारण प्राचीन मंदिर को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सका. आज मंदिर और मस्जिद की मौजूदगी इस स्थान को धार्मिक आस्था के साथ इतिहास का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है. धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु इस अनोखे धार्मिक और स्थापत्य संगम को भी देखते हैं.

मां ताराचंडी धाम में मिट्टी के दीपों से जगमगाता आस्था का अनोखा दृश्य
दीयों की रोशनी में मां ताराचंडी की भक्ति, अनोखी परंपरा का दृश्य
मां ताराचंडी धाम में आस्था और भक्ति का यह दृश्य श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. दीयों से जगमगाता यह स्थान पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग देता है. मिट्टी के दीपों पर श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक शब्द और मनोकामनाएं लिखी गई हैं. एक साथ जलते सैकड़ों दीपक मंदिर परिसर की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. दीप जलाने की यह परंपरा श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाती है. दीयों की रोशनी के बीच पूजा-अर्चना का दृश्य मन को शांति और सुकून का एहसास कराता है. मां के दरबार में आस्था, परंपरा और भक्ति का यह अनोखा संगम देखने को मिलता है.

शेरों की प्रतिमाओं से सजे मां ताराचंडी धाम के मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आस्था का दृश्य
शेरों की पहरेदारी में मां ताराचंडी का दरबार, आस्था का अनोखा रंग
मां ताराचंडी धाम का यह भव्य प्रवेश और मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मंदिर के मुख्य हिस्से पर मां ताराचंडी का नाम और धार्मिक प्रतीक आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. ऊपर स्थापित शेरों की प्रतिमाएं मंदिर की भव्यता और शक्ति स्वरूप का एहसास कराती हैं. परिसर में पूजा सामग्री, घंटियां और अन्य धार्मिक वस्तुओं की दुकानें सजी हुई हैं. मां के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की चहल-पहल यहां हमेशा देखने को मिलती है. मंदिर का रंग-रूप और आसपास का वातावरण धार्मिक आस्था से सराबोर नजर आता है. यह तस्वीर मां ताराचंडी धाम की धार्मिक पहचान और श्रद्धालुओं के विश्वास की झलक दिखाती है.

मां ताराचंडी धाम परिसर में सिंदूर और फूलों से सजी भगवान हनुमान जी की प्रतिमा
मां ताराचंडी धाम में विराजमान भगवान हनुमान, भक्ति में रंगा मंदिर परिसर
मां ताराचंडी धाम परिसर में भगवान हनुमान जी की सजी हुई प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है. प्रतिमा पर फूलों की माला और सिंदूर चढ़ाया गया है, जो हनुमान भक्ति की झलक दिखाता है. मंदिर की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे पैटर्न और सजावट परिसर को आकर्षक बनाते हैं. प्रतिमा के सामने पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. हनुमान जी की प्रतिमा के साथ मंदिर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. मां ताराचंडी धाम आने वाले भक्त यहां दर्शन और पूजा कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं. यह तस्वीर धाम परिसर में धार्मिक आस्था और भक्ति के माहौल को खूबसूरती से दिखाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By विवेक सिंह
विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.
उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.
पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.
इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.
वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.
विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










