जमशेदपुर कैरव अपहरण कांड में उद्यमी संदीप मल्होत्रा पुलिस की रडार पर, कार नंबर '1231' बनी अबूझ पहेली
Published by : Sameer Oraon Updated At : 11 Feb 2026 4:06 PM
कैरव गांधी फाइल फोटो
Kairav Gandhi Kidnapping Case: जमशेदपुर के बहुचर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड में एक नया मोड़ सामने आया है. अपहरण में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर पर मिला उद्यमी संदीप मल्होत्रा की कार का नंबर. पुलिस अब 'नंबर 1231' की अबूझ पहेली सुलझाने में जुटी है. क्या यह कोई गहरी साजिश है या संलिप्तता? देखिए इस हाई-प्रोफाइल केस की पूरी रिपोर्ट.
Kairav Gandhi Kidnapping Case, जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण में इस्तेमाल फॉरच्यूनर में सीएच एरिया के ही उद्यमी संदीप मल्होत्रा की कार का नंबर (जेएच 05 डीएन 1231) लगा था. संदीप की गम्हरिया में स्पंज आयरन की कंपनी है. इसका पता चलते ही पुलिस ने मामले में उद्यमी की संलिप्तता की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कैरव अपहरणकांड के मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह और उद्यमी संदीप मल्होत्रा में क्या फॉरच्यूनर संबंध हैं? या साजिश के तहत संदीप मल्होत्रा की फॉच्र्च्यूनर के नंबर का इस्तेमाल अपहरणकर्ताओं ने अपनी कार में किया. पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार मो. इमरान ने बताया कि अपहरण से पूर्व फॉर्च्यूनर कार में पुलिस का स्टीकर और लाल-ब्लू फ्लैश लाइट लगाकर तीन वर्दीधारी व एक सादे ड्रेस में (पगड़ी पहने हुए) अपराधी चांडिल पहुंचे और वहां इंतजार करने लगे. मो. इमरान नामक अपराधी नामक अपराधी रांची से स्कॉर्पियो लेकर पहुंचा.
मेरी कार के नंबर का इस्तेमाल क्यों किया ? इसकी जानकारी नहीं: संदीप मल्होत्रा
सीएच एरिया निवासी व उद्यमी संदीप मल्होत्रा ने इस संबंध में प्रभात खबर को बताया कि उनके पास सात कार है, सभी का नंबर 1231 है. इसमें दो फॉर्च्यूनर है, जिसमे एक का नंबर जेएच 05 डीएन 1231 और दूसरे का नंबर जेएच 05 सीसी 1231 है. अपहरणकर्ताओं ने उनकी कार के नंबर का इस्तेमाल क्यों किया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं हैं, वे किसी तेजिंदर पाल सिंह को भी नहीं जानते है. उनका इस अपहरण से कोई लेना-देना नहीं है.
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16 अपराधियों में से अब तक छह ही पकड़े गये हैं
कैरव अपहरणकांड में अबतक जांच में 16 अपराधियों की संलिप्तता सामने आयी है. इसमें से छह अपहरणकर्ता गिरफ्तार किये गये है. मालूम हो कि 13 जनवरी को युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपराधियों ने अपहरण कर लिया था. 14वें दिन यानी 27 जनवरी की सुबह में पुलिस ने कैरव गांधी को बरामद किया और घर लेकर पहुंची थी.
सीजेएम कोर्ट में अब सुनवाई कल
सीजेएम कोर्ट में कारोबारी कैरव अपहरण कांड की मंगलवार को सुनवाई नहीं हुई. अधिवक्ता जय मुखर्जी की और से जेल में बंद आरोपी मोहन कुमार प्रसाद की जमानत के लिए याचिका दाखिल की गयी थी. अब 12 फरवरी को सुनवाई होगी.
प्रभात सवाल
- कैरव अपहरणकांड में शामिल वर्दीधारी अपराधी कौन थे? अबतक पुलिस पता नहीं लगा सकी है
- अपहरण में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर कार (जेएच 05 डीएन 1231) कहां है? पुलिस बरामद नहीं कर सकी है
- मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह, शाद आलम, बोधगया का रामपुर निवासी रुपेश पासवान कहां है? इसका भी पता नहीं लग सका है
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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