बंगाल चुनाव में दीवारों पर छिड़ी जंग, कहीं तीखा तंज तो कहीं मजेदार मीम्स, कोलकाता की गलियों में क्रिएटिविटी का जलवा

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कोलकाता की दीवारों पर लिखे गये हैं ऐसे-ऐसे नारे.

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Kolkata Political Graffiti: बंगाल चुनाव 2026 के बीच कोलकाता की दीवारें राजनीतिक व्यंग्य और मजेदार कार्टूनों से पट गयी हैं. डिजिटल मीम्स और पारंपरिक ग्राफिटी का यह मेल सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है.

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Kolkata Political Graffiti: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, कोलकाता की दीवारें बोलने लगीं हैं. बंगाल की राजनीति में ‘दीवार लेखन’ (Wall Graffiti) की परंपरा दशकों पुरानी है, लेकिन इस बार इसमें डिजिटल युग के ‘मीम्स’ और सोशल मीडिया के तीखे तंज का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है.

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उत्तर कोलकाता की संकरी गलियों से लेकर दक्षिण कोलकाता के पॉश इलाकों तक, राजनीतिक दलों के समर्थक अपनी क्रिएटिविटी से न केवल विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं, बल्कि राहगीरों को मुस्कुराने पर भी मजबूर कर रहे हैं. इस बार रैलियों ही नहीं, बल्कि शब्दों और कला के जरिये मतदाताओं के दिल जीतने की भी कोशिश हो रही है.

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व्यंग्य, राइमिंग और मीम्स, दीवारों पर ‘खेला’ : इस बार की वॉल ग्राफिटी पारंपरिक नारों से काफी आगे निकल गयी है. तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वामदलों के समर्थक एक-दूसरे को घेरने के लिए मजेदार कविताओं और कार्टूनों का सहारा ले रहे हैं.

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  • तंज भरे नारे : महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को भी मजाकिया अंदाज में पेश किया गया है.
  • पॉप कल्चर का तड़का : फिल्मों के डायलॉग और वायरल मीम्स को राजनीतिक रंग देकर दीवारों पर उकेरा गया है.
  • विजुअल आर्ट : विरोधियों के नेताओं के कैरिकेचर (व्यंग्य चित्र) इस बार चर्चा का मुख्य केंद्र हैं.

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कोलकाता के कलाकारों के लिए ये दीवारें एक खुले कैनवास की तरह हैं. चुनाव आयोग की बंदिशों के बावजूद, निजी दीवारों पर मालिक की सहमति से किये गये ये लेखन चुनावी माहौल को जीवंत बना देते हैं.

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यह बंगाल की वह कला है, जो डिजिटल विज्ञापनों के दौर में भी अपनी प्रासंगिकता बनाये हुए है. बड़े मुद्दों के साथ-साथ मोहल्ले की छोटी-छोटी समस्याओं को भी इन स्लोगन्स में जगह मिलती है.

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हैरानी की बात यह है कि ये दीवारें केवल गलियों तक सीमित नहीं हैं. राहगीर इन मजेदार ग्राफिटी और स्लोगन्स की तस्वीरें खींचकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (X) पर शेयर कर रहे हैं.

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कई स्लोगन तो इतने लोकप्रिय हो गये हैं कि वे रातों-रात डिजिटल मीम्स में तब्दील हो गये. राजनीतिक दलों के आईटी सेल भी अब इन दीवारों से प्रेरणा लेकर अपना कंटेंट तैयार कर रहे हैं.

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2026 के इस चुनाव में जीत किसकी होगी, यह तो 4 मई के नतीजे ही बतायेंगे, लेकिन कोलकाता की इन रंगीन और मजाकिया दीवारों ने ‘चुनावी कला’ की रेस में सबको पीछे छोड़ दिया है.

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