चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन?

बंगाल चुनाव में प्रचार के अनोखे रंग.
West Bengal Election 2026 Viral Campaign: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में उम्मीदवारों ने वोट के लिए पकौड़े तले, बर्तन भी मांजे, नेताओं के अनोखे प्रचार ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका. जानें टीएमसी, भाजपा और लेफ्ट के नेता क्या-क्या कर रहे हैं, क्यों बदला प्रचार का अंदाज.
West Bengal Election 2026 Viral Campaign: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में नेताओं के बीच जुबानी जंग तो चल ही रही है, ‘घरेलू हुनर’ दिखाने की भी होड़ मची है. चुनावी रैलियों और लंबे भाषणों के बीच, उम्मीदवार वोटरों के किचन, आंगन और खेतों तक पहुंच गये हैं. बंगाल के इस चुनाव में नेता नीति (Ideology) से ज्यादा दिखावे (Optics) पर भरोसा कर रहे हैं. कोई दुकान पर पकौड़े छान रहा है, तो कोई किसी गरीब के घर बर्तन मांजकर अपनी ‘सादगी’ का प्रमाण देने की कोशिश में लगा है. मजे की बात यह है कि इसे सोशल मीडिया के जरिये खूब प्रचारित-प्रसारित भी किया जा रहा है. वायरल वीडियो पर पैरोडी बनाकर इन्फ्लुएंसर्स मजे ले रहे हैं.
पकौड़े और चाय : बेरोजगारी पर राजनीति का तड़का
आरामबाग से टीएमसी उम्मीदवार मिता बाग एक सड़क किनारे दुकान में घुस गयीं. उबलते तेल में पकौड़े तलने लगीं. उन्होंने न केवल पकौड़े बनाये, बल्कि उन्हें कागज के पैकेट में पैक करके ग्राहकों को बेचा भी. दिलचस्प बात यह है कि छातना (Chhatna) से भाजपा उम्मीदवार सत्यनारायण मुखोपाध्याय ने भी ठीक इसी अंदाज में पकौड़े तलकर जवाब दिया. आसनसोल दक्षिण से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल ने भी एक स्थानीय निवासी के घर पकौड़े तले. उन्होंने तंज कसते हुए कहा- राज्य में नौकरियां नहीं हैं. मुख्यमंत्री ने पकौड़े तलने की सलाह दी है, इसलिए मैं यही कर रही हूं.
बर्तन मांजना और सब्जी काटना : रिलेशनशिप पॉलिटिक्स

सोशल मीडिया के दौर में घोषणापत्र से ज्यादा नेता के बर्तन मांजने या पानी भरने की तस्वीर वोटरों तक जल्दी पहुंचती है. शायद यही वजह है कि टीएमसी के रंजन धारा ने बालागढ़ में एक पड़ोसी के किचन में घुसकर खाना बनाना शुरू कर दिया. हुगली के पुरसुरा से टीएमसी उम्मीदवार पार्थ हजारी एक घर के किचन में रोटियां बेलने लगे और मिट्टी के चूल्हे पर उसे पकाने लगे. राजनीति तब गरमा गयी, जब घर की महिलाओं ने कहा कि उनका LPG सिलेंडर खत्म हो गया है. टीएमसी ने इसे भाजपा के खिलाफ ‘गैस संकट’ के मुद्दे के रूप में भुनाना शुरू कर दिया.
बीजेपी की फिश पॉलिटिक्स : सबसे वायरल और अनोखा प्रचार

विधाननगर क्षेत्र से BJP उम्मीदवार डॉ शारद्वत मुखोपाध्याय ने बिना भाषण दिये सिर्फ एक बड़ी कतला मछली हाथ में लेकर बाजार में घूम-घूमकर प्रचार किया. यह बंगाल की खाने की संस्कृति, पहचान और आजादी से जुड़ा संदेश था. लोग इसे ‘No Speech, Just Fish’ कह रहे हैं. यह पूरी तरह वायरल हो गया. शारद्वत का यह तरीका TMC के ‘BJP मछली-मांस बंद कर देगी’ वाले आरोप का जवाब था. उन्होंने कहा- मैं मछली लेकर आया हूं. हम बांग्ला संस्कृति (माछ-भात) को कभी नहीं छीनेंगे.
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कुर्मी आंदोलन के चर्चित चेहरे ने कंधे पर ढोया लकड़ी का बोझा
झारग्राम के गोपीबल्लभपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार राजेश महतो ने प्रचार के दौरान एक बुजुर्ग महिला को लकड़ियों का गट्ठर (बोझा) सिर पर ले जाते देखा, तो उनसे गट्ठर लेकर अपने कंधे पर रख लिया. बातचीत करते हुए उसे बुजुर्ग महिला के घर तक लकड़ी का गट्ठर पहुंचा आये. राजेश महतो कहते हैं कि सिर्फ चुनाव के समय नहीं, हमेशा जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं. राजेश महतो खेमाशुली के कुर्मी आंदोलन का चर्चित चेहरा हैं.
टीएमसी उम्मीदवार ने हलवाई की दुकान में बनाया खाजा

पुरुलिया जिले के काशीपुर विधानसभा के तृणमूल प्रत्याशी सौमेन बेलथरिया ने मिठाई दुकान में घुसकर खुद खाजा तला. पुरुलिया के लधुड़का इलाके में प्रचार के दौरान उन्होंने ऐसा किया. सौमेन ने कहा- एक जनप्रतिनिधि तभी सच्चा कहलाता है, जब वह अपने इलाके के हर व्यक्ति के कामकाज व विभिन्न मामलों की खबर रखे.
कहीं उस्तरा चला, तो कहीं मछली से मिला संदेश

पश्चिम मेदिनीपुर के नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार रामप्रसाद गिरि ने अपने प्रचार अभियान को अनोखा बना दिया. प्रचार के दौरान वह एक सैलून में गये. वहां कुर्सी पर बैठे एक ग्राहक की दाढ़ी बनाने लगे. नारायणगढ़ की तरह दुबराजपुर में भी भाजपा उम्मीदवार ने एक ग्राहक की सैलून में हजामत बना दी. भाजपा विधायक अनूप साहा एक सैलून में पहुंचे और वहां कुर्सी पर बैठे ग्राहक की शेविंग कर दी.
ऐसे भी हुआ प्रचार
- रसोई और बुनाई : आरामबाग से टीएमसी प्रत्याशी मिताली बाग कभी खाना बनातीं दिखीं, तो कभी बुनाई करतीं. उन्हें खेती में भी हाथ आजमाते देखा गया.
- खेत में मजदूरी : मालदा से भाजपा उम्मीदवार गोपाल चंद्र साहा को खेतों में किसानों के साथ आलू इकट्ठा करते देखा गया.
- 12 किमी की दौड़ : केशियारी से टीएमसी उम्मीदवार रामजीवन मांडी ने अभिषेक बनर्जी की सभा में पहुंचने के लिए 12 किमी की दौड़ लगायी.
- साइकिल से प्रचार : नारायणगढ़ की प्रतिभा रानी माईती साईकिल से गांव-गांव जाकर वोट मांग रही हैं. आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने भी साईकिल से प्रचार किया.
- केले का फूल काटने लगे : राजारहाट-गोपालपुर से माकपा (CPIM) उम्मीदवार शुभोजित दासगुप्ता एक घर में मोचा (केले का फूल) काटते दिखे.
ममता बनर्जी का डांस वाला वीडियो हुआ वायरल

अलग-अलग उम्मीदवारों के इन अनोखे अंदाज के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी भी प्रचार पाने का मौका बना ही लेतीं हैं. बांकुड़ा में एक रैली के दौरान पारंपरिक साड़ी पहनकर स्टेज पर उनका डांस खूब वायरल है.
जनता का रियैक्शन : बंगाल गॉट टैलेंट
इन तस्वीरों के सोशल मीडिया पर आते ही मीम्स की बाढ़ आ गयी है. नेटिजंस इसे ‘बंगाल गॉट टैलेंट : इलेक्शन स्पेशल’ बता रहे हैं. हालांकि, गंभीर मतदाताओं का सवाल है कि क्या ये ‘चुनावी स्टंट’ असल मुद्दों जैसे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सुरक्षा की कमी को ढंक पायेंगे?
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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