ममता बनर्जी ने बुलायी थी बैठक, 80 में सिर्फ 20 विधायक पहुंचे, कुणाल घोष ने दी सफाई

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 31 May 2026 7:45 PM

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TMC MLA Meeting Cancelled: कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी विधायक दल की बैठक रद्द कर दी गयी है, क्योंकि 80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुंचे थे. कुणाल घोष ने सफाई दी, लेकिन संदीपन साहा और जावेद खान जैसे नेताओं की गैर-मौजूदगी ने सवाल खड़े कर दिये हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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TMC MLA Meeting Cancelled: पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार को उस समय खलबली मच गयी, जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर बुलायी गयी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक को कोरम पूरा न होने के कारण रद्द करना पड़ा. बैठक में कुल 80 विधायकों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन शाम होते-होते केवल 20 विधायक ही ममता बनर्जी के आवास पहुंचे. खाली कुर्सियां देख बैठक को आनन-फानन में स्थगित करना पड़ा.

कोरम भी नहीं हुआ पूरा, शोभनदेब की मेहनत पर फिरा पानी

विधायक दल के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने विशेष रूप से यह बैठक बुलायी थी. वह चाहते थे कि ममता बनर्जी खुद विधायकों को संबोधित करें, ताकि पार्टी में जारी बिखराव को रोका जा सके. इंटाली विधायक संदीपन साहा का फोन स्विच ऑफ मिला. कसबा के जावेद खान और मटियाबुर्ज के अब्दुल खालिक मोल्ला जैसे बड़े नाम भी बैठक से नदारद रहे.

टीएमसी के ये विधायक पहुंचे कालीघाट

  • पूर्व स्पीकर बिमान बनर्जी
  • मदन मित्रा
  • रुकबानुर रहमान
  • अशोक देव

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कुणाल घोष का डैमेज कंट्रोल – व्यस्त हैं विधायक

बैठक रद्द होने के बाद मची किरकिरी को संभालने के लिए पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष तुरंत सामने आये. उन्होंने सफाई दी कि शनिवार को अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्यभर में टीएमसी कार्यकर्ता आक्रोशित हैं और विधायक अपने-अपने इलाकों में स्थिति संभालने में व्यस्त हैं. उन्होंने दावा किया कि कई विधायकों के फोन शनिवार शाम से ही आ रहे थे कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, इसलिए वे कोलकाता नहीं आ सकते.

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संदीपन साहा का फोन स्विच ऑफ

रानी रासमणि रोड पर 2 जून को ममता बनर्जी के नेतृत्व में बड़े धरने से पहले होने वाली इस बैठक के रद्द होने के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इंटाली विधायक संदीपन साहा को लेकर है. चुनाव नतीजों के बाद से ही कई टीएमसी विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने की खबरें उड़ रही हैं. ऐसे में संदीपन का मोबाइल बंद होना और महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बनाना कई सवाल खड़े कर रहा है.

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सोमवार से राज्यव्यापी संग्राम का ऐलान

विधायकों की कम उपस्थिति के बावजूद टीएमसी ने पीछे नहीं हटने का संकेत दिया है. अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के विरोध में सोमवार और मंगलवार को सभी वार्डों और ब्लॉकों में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. ममता बनर्जी के लिए अब चुनौती केवल बाहर भाजपा से लड़ना नहीं, बल्कि अपने ही विधायकों को एकजुट रखना भी है. कोरम पूरा न होना पार्टी के भीतर ‘ऑल इज नॉट वेल’ की ओर इशारा कर रहा है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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