9600 करोड़ के घोटाले में गिरिडीह से युवक गिरफ्तार, तमिलनाडु CB-CID टीम की छापेमारी

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गिरिडीह के गुलशन दरार पर करोड़ों के घोटाले का आरोप.

Giridih News: तमिलनाडु के कोयंबटूर में दर्ज 9600 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में सीबी-सीआईडी ने गिरिडीह के जमुआ से गुलशन कुमार दराद को गिरफ्तार किया. आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर कोयंबटूर ले जाया गया. मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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Giridih News: तमिलनाडु के कोयंबटूर में दर्ज 9600 करोड़ रुपये के बहुचर्चित वित्तीय घोटाले के मामले में क्राइम ब्रांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीबी-सीआईडी) की टीम ने झारखंड के गिरिडीह जिले से एक युवक को गिरफ्तार किया है. सोमवार को जमुआ थाना क्षेत्र के निजामगंज में छापेमारी कर 41 वर्षीय गुलशन कुमार दराद को हिरासत में लिया गया.

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कोयंबटूर में दर्ज है मामला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह बड़ा वित्तीय घोटाला जनवरी माह में तमिलनाडु के कोयंबटूर में दर्ज किया गया था. मामले की जांच वहां की सीबी-सीआईडी टीम कर रही है. जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर टीम गिरिडीह पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की. गिरफ्तार आरोपी गुलशन दराद को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर सीबी-सीआईडी की टीम कोयंबटूर रवाना हो गई है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी.

पर्यटन कंपनी चलाता था आरोपी

जानकारी के मुताबिक, गुलशन दराद कोयंबटूर में एक टूरिज्म कंपनी चलाता था. जांच एजेंसियों को शक है कि इसी कंपनी के माध्यम से वित्तीय लेन-देन में अनियमितता की गई. प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं. सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले में गुलशन के पांच से छह दूसरे सहयोगियों की भी संलिप्तता हो सकती है. हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है.

स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी

कार्रवाई से पहले तमिलनाडु सीबी-सीआईडी ने गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार से संपर्क किया था. उनके निर्देश पर खोरीमहुआ के एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस टीम गठित की गई. सीबी-सीआईडी की टीम जमुआ थाना प्रभारी के सहयोग से आरोपी के आवास पर पहुंची. वहां छापेमारी कर गुलशन दराद को हिरासत में लिया गया. कार्रवाई के दौरान उसके परिजन भी घर में मौजूद थे और अचानक हुई इस कार्रवाई से वे स्तब्ध रह गए.

नेटवर्क की हो रही तलाशी

बताया जा रहा है कि यह घोटाला करीब 9600 करोड़ रुपये से जुड़ा है, जिसे हाल के वर्षों का बड़ा वित्तीय अपराध माना जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा धन का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया. सीबी-सीआईडी की ओर से अब आरोपी के डिजिटल दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी.

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अभी और भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जांच की एक कड़ी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं. अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. अगर पूछताछ में और नाम सामने आते हैं, तो और गिरफ्तारियां भी संभव हैं. फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल घोटाले को लेकर झारखंड और तमिलनाडु दोनों राज्यों में हलचल है. जांच एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही हैं.

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