भाषा के नाम पर झारखंडी चालकों पर कार्रवाई का विरोध, नागेंद्र महतो ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
विधायक नागेंद्र महतो की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
महाराष्ट्र में मराठी भाषा के ज्ञान के अभाव में झारखंड समेत अन्य राज्यों के प्रवासी वाहन चालकों पर हो रही कार्रवाई को लेकर बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रभावित चालकों को राहत दिलानी चाहिए.
महाराष्ट्र में मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान के अभाव में झारखंड समेत अन्य राज्यों के प्रवासी वाहन चालकों पर कार्रवाई की शिकायतों को लेकर बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि भाषा और क्षेत्र के आधार पर किसी भी भारतीय नागरिक के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए. विधायक ने केंद्र सरकार से महाराष्ट्र सरकार के साथ संवाद कर प्रभावित वाहन चालकों को राहत दिलाने की ठोस पहल करने का आग्रह किया है.
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भाषा के ज्ञान के अभाव में कार्रवाई की शिकायत
विधायक ने पत्र में कहा है कि महाराष्ट्र में देश के विभिन्न राज्यों के प्रवासी मजदूर ऑटो, टैक्सी, कैब और अन्य यात्री वाणिज्यिक वाहनों के चालक के रूप में काम कर रहे हैं. मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान के अभाव में प्रशासनिक जांच के दौरान कार्रवाई किये जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि भाषा संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप में कुछ चालकों के लाइसेंस और बैज तक निलंबित किये जाने की सूचना है. इससे झारखंड से महाराष्ट्र गये प्रवासी मोटर चालकों के सामने परेशानी खड़ी हो गयी है.
भाषा के सम्मान के साथ आजीविका के अधिकार की भी चिंता
नागेंद्र महतो ने कहा कि स्थानीय भाषा का सम्मान करना और यात्रियों से संवाद के लिए उसका बुनियादी ज्ञान होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ देश के नागरिकों के आजीविका के अधिकार का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता में निहित है. प्रवासी नागरिक दूसरे राज्यों में जाकर श्रम करते हैं, जिससे संबंधित राज्य के साथ देश की आर्थिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलती है.
अनुच्छेद-19 का दिया हवाला
विधायक ने संविधान के अनुच्छेद-19 का हवाला देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को किसी भी राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से आजीविका चलाने और व्यवसाय करने का मौलिक अधिकार है. ऐसे में भाषा के आधार पर किसी व्यक्ति की आजीविका प्रभावित होना उचित नहीं है. उन्होंने मोटर वाहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ भाषा संबंधी प्रावधानों को व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता जतायी.
देशभर में समान नियम और स्थानीय भाषा प्रशिक्षण की मांग
विधायक ने केंद्रीय मंत्री से देशभर में छोटे-बड़े सभी वाहन चालकों के लिए भाषा संबंधी नियमों का समान राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने की मांग की है. उन्होंने यात्री वाहन चालकों के स्थानीय भाषा के बुनियादी संवादात्मक ज्ञान को पर्याप्त मानने, भाषा की जानकारी के अभाव में लाइसेंस या बैज निलंबित करने जैसी कठोर कार्रवाई से बचने तथा चालकों के लिए नि:शुल्क या सामान्य शुल्क पर स्थानीय भाषा प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है.
शिकायत और अपील की व्यवस्था की मांग
उन्होंने कहा कि यदि भाषा संबंधी नियमों के कारण किसी चालक की आजीविका प्रभावित होती है, तो उसे अपना पक्ष रखने के लिए उचित अपील और शिकायत निवारण केंद्र की व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही भाषा संबंधी विवाद के समाधान के लिए केंद्र सरकार को महाराष्ट्र सरकार के साथ बैठक करनी चाहिए. इसमें प्रभावित राज्यों के वाहन चालक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की गयी है.
भेदभावपूर्ण कार्रवाई से बचने का आग्रह
विधायक नागेंद्र महतो ने आग्रह किया कि मोटर वाहन संबंधी नियमों का अनुपालन कराने के नाम पर किसी भी भारतीय नागरिक के साथ भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं किया जाये. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार से आवश्यक संवाद करने और प्रभावित वाहन चालकों को राहत एवं न्याय दिलाने की ठोस पहल करने का अनुरोध किया है.
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