झारखंड में NHM के 298 पदों पर बहाली प्रक्रिया रद्द, विज्ञापन दोबारा होगा जारी
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 11 Feb 2026 3:13 PM
एनएचएम बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी के बाद सीएमओ ने उठाया कदम.
NHM Recruitment Cancelled: झारखंड में एनएचएम के 298 संविदा पदों पर चल रही बहाली प्रक्रिया गड़बड़ी के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई है. योग्य अभ्यर्थियों को सूची से बाहर रखने और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद सरकार ने जांच कराई. अब जल्द ही नया विज्ञापन जारी किया जाएगा.
रांची से बिपिन सिंह की रिपोर्ट
NHM Recruitment Cancelled: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड के अंतर्गत 298 संविदा पदों पर चल रही बहाली प्रक्रिया को आखिरकार रद्द कर दिया गया है. चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं और योग्य अभ्यर्थियों को सूची से बाहर रखने के आरोपों के बाद यह कदम उठाया गया. इस बहाली का विज्ञापन 20 जून 2025 को जारी किया गया था. अब संभावना है कि पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करते हुए दोबारा विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा.
क्यों हुई रद्द बहाली प्रक्रिया
झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति ने इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को जानकारी दे दी है. मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बहाली रद्द करने का निर्णय लिया.
किन पदों पर होनी थी नियुक्ति
एनएचएम कार्यालय द्वारा कुल 298 पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति की जानी थी. इनमें वरीय अस्पताल प्रबंधक के 39 पद, अस्पताल प्रबंधक के 201 पद, वित्तीय प्रबंधक (फाइनेंस मैनेजर) के 29 पद और आईटी एग्जीक्यूटिव के 29 पद शामिल थे. इन पदों के लिए 41,000 रुपये से 60,000 रुपये तक मासिक मानदेय तय किया गया था. इन पदों के लिए राज्य स्तर पर नियुक्ति प्रक्रिया चलाई जा रही थी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. लेकिन चयन प्रक्रिया के दौरान सामने आई गड़बड़ियों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए.
मुख्यमंत्री सचिवालय ने मांगा स्पष्टीकरण
अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद मामला मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा. मुख्यमंत्री सचिवालय ने एनएचएम के प्रशासनिक पदाधिकारी के माध्यम से मानव संसाधन कोषांग (एचआर सेल) से स्पष्टीकरण मांगा. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई. मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव घनश्याम प्रसाद सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि 298 पदों पर की जा रही संविदा आधारित नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू हुई.
नियुक्ति प्रक्रिया के तरीकों पर आपत्ति
बहाली प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़ा विवाद नियुक्ति के तौर-तरीकों को लेकर हुआ. एनएचएम में चयन प्रक्रिया 28 और 29 नवंबर को प्रस्तावित थी. लेकिन उससे पहले 31 अक्टूबर को एक पत्र जारी किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज दोबारा अपलोड कर दावा प्रस्तुत करने को कहा गया. इसके लिए मात्र एक और दो नवंबर तक का समय दिया गया, जबकि तीन नवंबर से वॉक-इन इंटरव्यू की तारीख तय थी. इतने कम समय में दस्तावेज अपलोड करने की शर्त को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई. उनका कहना था कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत नहीं है.
योग्य अभ्यर्थियों को किया गया बाहर
अस्पताल प्रबंधक पद के लिए जारी शॉर्टलिस्ट सूची में कई योग्य अभ्यर्थियों को ‘नॉट शॉर्ट लिस्टेड’ बताया गया. जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि कम से कम 29 योग्य अभ्यर्थियों को गलत तरीके से चयन सूची से बाहर रखा गया था. वहीं, कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किए जाने की बात सामने आई, जो निर्धारित शैक्षणिक अर्हता और अनुभव की शर्तें पूरी नहीं करते थे. इस खुलासे के बाद बहाली प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.
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नए सिरे से शुरू होगी बहाली प्रक्रिया
बहाली रद्द होने के बाद अब संभावना है कि एनएचएम झारखंड नए सिरे से पूरी प्रक्रिया शुरू करेगा. विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस बार चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी की जा रही है. नए विज्ञापन में पात्रता, प्रक्रिया और समय-सीमा को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा. इस फैसले से जहां अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है, वहीं यह मामला राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत को भी रेखांकित करता है. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि नया विज्ञापन कब जारी होता है और चयन प्रक्रिया किस तरह संचालित की जाती है.
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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