फोन की लोकेशन ऑन रखने से ड्रोन अटैक का खतरा? सरकार ने किया अलर्ट

Author :Rajeev Kumar
Published by :Rajeev Kumar
Updated at :10 May 2025 8:24 AM
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indo pak tension fake news alert goi

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भारत-पाक तनाव के बीच सेना के नाम पर WhatsApp, Facebook, Instagram पर वायरल हो रहे फर्जी मैसेज को लेकर PIB Fact Check ने चेतावनी दी है. जानें किस मैसेज से सावधान रहें और कैसे करें फैक्ट चेक.

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INDO PAK RIFT | Fact Check: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर सेना से जुड़ी कई भ्रामक जानकारियां वायरल हो रही हैं. भारत सरकार ने इस पर सतर्कता बरतने को कहा है और ऐसे मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह दी है.

सरकारी संस्था PIB Fact Check ने X (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी कि पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने की कोशिश की जा रही है. आने वाले समय में इस तरह की मिसइन्फॉर्मेशन और तेज हो सकती है.

Fact Check: क्या करना है अगर ऐसा कोई मैसेज आए?

अगर आपको WhatsApp, Facebook, Instagram या किसी और प्लैटफॉर्म पर सेना से जुड़ा कोई संदिग्ध मैसेज, वीडियो या दावा दिखाई दे, तो तुरंत उसका फैक्ट चेक कराना चाहिए.

PIB Fact Check ने इसके लिए WhatsApp नंबर +91 8799711259 और ईमेल – factcheck@pib.gov.in जारी किया है.

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Fact Check: ‘लोकेशन बंद करो’ जैसे मैसेज भी फेक

दो पड़ोसी देशों के बीच तनाव के इस माहौल में कुछ WhatsApp मैसेज यह भी दावा कर रहे हैं कि लोग अपने मोबाइल की लोकेशन बंद कर दें क्योंकि दुश्मन देशों के ड्रोन सिग्नल ट्रैक कर सकते हैं.

हालांकि ऐसी किसी जानकारी की सरकार ने पुष्टि नहीं की है. PIB ने ऐसे दावों को गलत और डर फैलाने वाला बताया है.

Fact Check: गलत सूचना कैसे फैलती है?

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध या तनाव की स्थिति में विरोधी देश फेक न्यूज और अफवाहों के जरिए लोगों में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश करते हैं. इसलिए किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना बेहद जरूरी है.

Fact Check: सरकार की अपील क्या है?

PIB Fact Check ने साफ किया है कि अगर सेना या सुरक्षा से जुड़ी कोई सूचना मिलती है, तो उसे पहले फैक्ट चेक कराना चाहिए. बिना पुष्टि के कोई भी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करना या फॉरवर्ड करना देश की सुरक्षा के खिलाफ हो सकता है.

Fact Check: इन बातों को याद रखें

किसी भी मैसेज को आंख बंदकर भरोसा न करें,

PIB Fact Check से वेरिफाई करें,

गलत जानकारी फैलाने से बचें,

सेना से जुड़ी अफवाहों से सतर्क रहें, और

सही जानकारी के लिए ऑफिशियल सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें, सोशल मीडिया अफवाहों से नहीं.

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लेखक के बारे में

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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