Operation Sindoor: पाकिस्तान संग तनाव के बीच स्मार्टफोन में बरतें ये 5 सावधानियां, बनें जिम्मेदार नागरिक

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Operation Sindoor: भारत और पकिस्तान के बीच लगातार तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. 7 मई को भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान गुस्ताखी करने की कोशिश कर सकता है. ऐसे में अगर आप एक स्मार्टफोन यूजर हैं, तो कुछ सावधानियां आपको भी बरतनी चाहिए.

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Operation Sindoor: 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसके तहत पाकिस्तान और POK के कुछ इलाकों में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया या दुस्साहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे हालात में देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हमारी सेनाएं पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हैं. यदि आप स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, तो यह जरूरी है कि आप भी कुछ जरूरी सावधानियां अपनाएं. आज हम आपको कुछ ऐसे महत्वपूर्ण एहतियाती उपायों के बारे में बताएंगे, जिनका पालन कर आप अपनी सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय सेना की भी मदद कर सकते हैं. आइए जानते हैं. 

सेना की गतिविधियां ऑनलाइन शेयर न करें 

हाल ही में भारतीय सेना के एक प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी और लेखक, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने देशवासियों से आग्रह किया था कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी सैन्य टुकड़ी या सैन्य वाहनों की तस्वीरें या वीडियो साझा न करें. इसी तरह की अपील कई मीडिया संस्थानों द्वारा भी की गई है. आज के समय में, जब लगभग हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन होता है, ऐसे में नागरिकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने आसपास हो रही किसी भी सैन्य गतिविधि को रिकॉर्ड कर उसे ऑनलाइन साझा न करें.

अनजान मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचें 

यदि युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो पाकिस्तान साइबर हमलों की रफ्तार बढ़ा सकता है. ऐसे हालात में किसी भी अनजान नंबर से आने वाले मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए. ऐसे लिंक या मैसेज में वायरस या ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर छिपा हो सकता है. इनका मकसद आपके मोबाइल फोन को हैक करना या आपकी बैंकिंग जानकारी चुराना हो सकता है.

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फेक न्यूज से बचें 

सोशल मीडिया पर झूठी जानकारियां बहुत तेजी से फैलती हैं. तनावपूर्ण हालातों में ये अफवाहें हलचल और घबराहट का कारण बन सकती हैं. ऐसे में किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता को ऑनलाइन जांचना जरूरी है. ऐसा करके आप सरकार को बेवजह की अफरा-तफरी से निपटने की स्थिति में आने से बचा सकते हैं. इन प्रयासों का असल उद्देश्य समाज में डर और भ्रम का माहौल बनाना होता है. 

लोकेशन बंद रखें 

स्मार्टफोन में GPS लोकेशन चालू रहने पर आपकी गतिविधियों को रियल-टाइम में ट्रैक किया जा सकता है. इस तकनीक का इस्तेमाल कर कोई भी आपकी सटीक लोकेशन का पता लगा सकता है. इसलिए, संकट या संवेदनशील परिस्थितियों में फोन की लोकेशन सेटिंग्स को बंद रखना सुरक्षित रहता है.

प्रोपेगेंडा को फैलने से रोकें

तनावपूर्ण हालात में सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक जानकारी या प्रोपेगेंडा तेजी से फैलने लगते हैं. ऐसी स्थिति में आप सत्य और प्रमाणिक सोर्स से जानकारी जुटाकर उन भ्रामक दावों की सच्चाई सामने ला सकते हैं. उद्देश्य यह होना चाहिए कि लोगों को तथ्यात्मक जानकारी देकर प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश किया जाए, न कि किसी व्यक्ति विशेष से विवाद में उलझा जाए.

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अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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