हिमंत बिस्वा सरमा के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर परिवार में खुशी, पत्नी और बेटी ने बताया गर्व का पल

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रिंकी भुईयां सरमा और सुकन्या सरमा

Himanta Biswa Sarma : बीजेपी ने असम विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाई है और हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं. उन्होंने असमिया भाषा में शपथ ली.

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Himanta Biswa Sarma : हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उनके शपथग्रहण समारोह में पहुंची उनकी पत्नी और बेटी ने इस पल को गर्व का पल बताया और कहा कि उन्हें बहुत खुशी है.

रिंकी भुईयां ने कहा-यह खुशी का पल

हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुईयां ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व और खुशी का पल है. हिमंत दूसरी बार मुख्यमंत्री बन रहे हैं, यह गर्व का विषय है. वहीं उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है और वो उत्साह में हैं. शपथ ग्रहण समारोह में हिमंत बिस्वा सरमा की मां मृणालिनी देवी, पत्नी रिंकी भुइयां सरमा, पुत्र नंदिल बिस्वा सरमा और पुत्री सुकन्या सरमा मौजूद थे.

हिमंत बिस्वा सरमा ने पीएम मोदी की उपस्थिति में ली शपथ

हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इस अवसर पर पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सर्वानंद सोनोवाल, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री और बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन उपस्थित थे.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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