AI Jobs Boom: भारत में एआई नौकरियों की डिमांड तेज, अश्विनी वैष्णव बोले- 20% तक बढ़ रही भर्ती

Published by :Rajeev Kumar
Published at :12 May 2026 8:45 AM (IST)
विज्ञापन
AI Jobs Boom

अश्विनी वैष्णव का बड़ा दावा, AI सेक्टर बना रोजगार का नया इंजन / फोटोज एक्स से

भारत में एआई सेक्टर तेजी से रोजगार पैदा कर रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई आधारित नौकरियों की मांग 15-20% बढ़ रही है, जबकि डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश आ रहा है.

विज्ञापन

AI Jobs Boom: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ एआई के कारण नौकरियां खत्म होने की चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार का दावा है कि एआई से जुड़े सेक्टर में रोजगार के नए मौके लगातार बढ़ रहे हैं. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा है कि देश में एआई आधारित नौकरियों की मांग 15 से 20 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है. उन्होंने यह भी माना कि आईटी इंडस्ट्री के कई हिस्सों में बड़े बदलाव की जरूरत पड़ेगी, लेकिन भविष्य एआई टेक्नोलॉजी का ही है.

एआई स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की बढ़ी डिमांड

सीआईआई के वार्षिक बिजनेस समिट में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि कंपनियां अब तेजी से ऐसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं जिन्हें एआई टूल्स, ऑटोमेशन और डेटा आधारित टेक्नोलॉजी की समझ हो. उन्होंने आईटी इंडस्ट्री और NASSCOM से मिलकर देश के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करने की अपील की.

सरकार का मानना है कि आने वाले समय में पारंपरिक आईटी जॉब्स की प्रकृति बदल सकती है. हालांकि एआई, मशीन लर्निंग, डेटा इंजीनियरिंग और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी.

भारत में तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर निवेश

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार द्वारा डेटा सेंटर सेक्टर को टैक्स में राहत दिए जाने के बाद इस क्षेत्र में भारी निवेश आना शुरू हो गया है. उनके मुताबिक भारत की डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था में करीब 200 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना बन रही है.

डेटा सेंटर को एआई और डिजिटल सेवाओं की रीढ़ माना जाता है. जितना ज्यादा एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा, उतनी ही ज्यादा हाई-स्पीड सर्वर और डेटा प्रॉसेसिंग की जरूरत पड़ेगी. यही वजह है कि भारत अब खुद को बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में तैयार कर रहा है.

समुद्र के रास्ते बनेंगे बड़े डिजिटल नेटवर्क

केंद्रीय मंत्री ने भारत की नई समुद्री केबल परियोजनाओं की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देश तीन बड़े अंडरसी केबल नेटवर्क तैयार कर रहा है, जो भारत को ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से जोड़ेंगे.

इन नेटवर्क्स का मकसद इंटरनेट स्पीड, डेटा ट्रांसफर और डिजिटल कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है. सरकार का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा और टेक कंपनियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा.

भारत में बनने लगे एआई सर्वर

मंत्री ने कहा कि HP ने भारत में एआई सर्वर का निर्माण शुरू कर दिया है. इसके अलावा सरकार ने Google और अन्य कंपनियों से भी स्थानीय स्तर पर सर्वर निर्माण शुरू करने का आग्रह किया है.

यदि बड़े स्तर पर सर्वर और एआई हार्डवेयर का निर्माण भारत में होता है, तो इससे टेक सेक्टर में नई मैन्युफैक्चरिंग जॉब्स पैदा होंगी और देश की डिजिटल आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी.

यह भी पढ़ें: AI अगर ले लेती है आपकी जॉब, तो क्या करें? Perplexity CEO ने बताया नया रास्ता

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola