फ्री रिचार्ज से लेकर लॉटरी तक: कैसे फिशिंग लिंक के जरिए हो रहे हैं साइबर फ्रॉड, जानिए बचाव के उपाय

Author :Rajeev Kumar
Published by :Rajeev Kumar
Updated at :09 May 2025 3:17 PM
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Phishing Scam Alert

Phishing Scam Alert

Phishing Scam Alert: फ्री रिचार्ज, केबीसी लॉटरी, सरकारी स्कीम के नाम पर हो रहे फिशिंग अटैक से बचें. जानें साइबर ठगों के तरीके और सुरक्षा उपाय.

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Phishing Scam Alert: क्या आपने हाल ही में ‘केबीसी में 25 लाख जीतने’ या ‘अंबानी के जन्मदिन पर फ्री रिचार्ज’ जैसा कोई मैसेज देखा है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए. ये मैसेज फिशिंग अटैक का हिस्सा हो सकते हैं, जिनके जरिए साइबर अपराधी आपकी निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स चुरा सकते हैं.

आरबीआई और एनसीआरबी की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में साइबर फ्रॉड्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले फिशिंग अटैक से जुड़े होते हैं. 2023-24 में कुल साइबर मामलों में 22% मामले फिशिंग से जुड़े पाए गए हैं.

क्या है फिशिंग अटैक?

यूके की नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर के मुताबिक, फिशिंग वह तरीका है जिसमें स्कैमर ईमेल, SMS या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं. ये लिंक किसी फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जो असली वेबसाइट की तरह दिखती है और आपसे OTP, बैंक डिटेल, पासवर्ड या UPI पिन जैसी संवेदनशील जानकारी मांगती है.

साइबर ठगों के 9 सबसे आम झांसे

मुकेश अंबानी / रतन टाटा के जन्मदिन पर गिफ्ट या फ्री रिचार्ज

होली / दिवाली पर कैशबैक ऑफर

प्रधानमंत्री योजनाओं के नाम पर पैसे देने का वादा

क्रिकेट जीत पर ऑफर

SBI या कतर एयरवेज की सालगिरह पर गिफ्ट

चुनाव के दौरान BJP / Congress के नाम पर रिचार्ज स्कीम

सरकारी नौकरी जैसे अयोध्या एयरपोर्ट में वैकेंसी

केबीसी में लाखों की लॉटरी का लालच

ईमेल या SMS से लुभावना कैशबैक या गिफ्ट.

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ऐसे करें खुद को सुरक्षित

अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे ऑफर कितना भी लुभावना क्यों न हो

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर ऑन करें

मजबूत पासवर्ड रखें और समय-समय पर बदलते रहें

पब्लिक कंप्यूटर पर कभी भी पासवर्ड सेव न करें

किसी भी संदिग्ध ईमेल या SMS से आने वाले लिंक को न खोलें.

कहां करें शिकायत?

अगर आप फिशिंग या साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें. अब ‘Report Suspect’ नाम से नया फीचर भी लॉन्च हुआ है, जहां आप संदिग्ध लिंक की रिपोर्ट कर सकते हैं.

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए. किसी भी ऑफर या गिफ्ट के लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें. सच जानना आपका अधिकार है. कोई अफवाह या संदिग्ध सूचना हो, तो सतर्क बनें और जांचें.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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