फ्री रिचार्ज से लेकर लॉटरी तक: कैसे फिशिंग लिंक के जरिए हो रहे हैं साइबर फ्रॉड, जानिए बचाव के उपाय

Phishing Scam Alert
Phishing Scam Alert: फ्री रिचार्ज, केबीसी लॉटरी, सरकारी स्कीम के नाम पर हो रहे फिशिंग अटैक से बचें. जानें साइबर ठगों के तरीके और सुरक्षा उपाय.
Phishing Scam Alert: क्या आपने हाल ही में ‘केबीसी में 25 लाख जीतने’ या ‘अंबानी के जन्मदिन पर फ्री रिचार्ज’ जैसा कोई मैसेज देखा है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए. ये मैसेज फिशिंग अटैक का हिस्सा हो सकते हैं, जिनके जरिए साइबर अपराधी आपकी निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स चुरा सकते हैं.
आरबीआई और एनसीआरबी की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में साइबर फ्रॉड्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले फिशिंग अटैक से जुड़े होते हैं. 2023-24 में कुल साइबर मामलों में 22% मामले फिशिंग से जुड़े पाए गए हैं.
क्या है फिशिंग अटैक?
यूके की नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर के मुताबिक, फिशिंग वह तरीका है जिसमें स्कैमर ईमेल, SMS या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं. ये लिंक किसी फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जो असली वेबसाइट की तरह दिखती है और आपसे OTP, बैंक डिटेल, पासवर्ड या UPI पिन जैसी संवेदनशील जानकारी मांगती है.
साइबर ठगों के 9 सबसे आम झांसे
मुकेश अंबानी / रतन टाटा के जन्मदिन पर गिफ्ट या फ्री रिचार्ज
होली / दिवाली पर कैशबैक ऑफर
प्रधानमंत्री योजनाओं के नाम पर पैसे देने का वादा
क्रिकेट जीत पर ऑफर
SBI या कतर एयरवेज की सालगिरह पर गिफ्ट
चुनाव के दौरान BJP / Congress के नाम पर रिचार्ज स्कीम
सरकारी नौकरी जैसे अयोध्या एयरपोर्ट में वैकेंसी
केबीसी में लाखों की लॉटरी का लालच
ईमेल या SMS से लुभावना कैशबैक या गिफ्ट.
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ऐसे करें खुद को सुरक्षित
अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे ऑफर कितना भी लुभावना क्यों न हो
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर ऑन करें
मजबूत पासवर्ड रखें और समय-समय पर बदलते रहें
पब्लिक कंप्यूटर पर कभी भी पासवर्ड सेव न करें
किसी भी संदिग्ध ईमेल या SMS से आने वाले लिंक को न खोलें.
कहां करें शिकायत?
अगर आप फिशिंग या साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें. अब ‘Report Suspect’ नाम से नया फीचर भी लॉन्च हुआ है, जहां आप संदिग्ध लिंक की रिपोर्ट कर सकते हैं.
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए. किसी भी ऑफर या गिफ्ट के लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें. सच जानना आपका अधिकार है. कोई अफवाह या संदिग्ध सूचना हो, तो सतर्क बनें और जांचें.
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By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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