जनकल्याणकारी योजनावाली बजट होनी चाहिए

Updated at : 20 Feb 2025 7:07 PM (IST)
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जनकल्याणकारी योजनावाली बजट होनी चाहिए

झारखंड सरकार तीन मार्च को आम बजट पेश करेगी.

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फोट़ो.बजट पर चर्चा मे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो ने बजट में कई योजना शामील करने की उमीद जतायी प्रभात खबर बजट परिचर्चा फोटो:-बजट पर चर्चा करते लोग फोट़ो. जानकारी देते लोग रामप्रसाद पाल कैरो लोहरदगा. झारखंड सरकार तीन मार्च को आम बजट पेश करेगी. बजट को लेकर सभी जाति, समुदाय, वर्ग की उम्मीदें रहती है, अपनी समाज की उन्नति की अपेक्षा रखते हैं. इसे लेकर गुरुवार को प्रभात खबर के द्वारा कैरो प्रखंड के थाना ब्लाक मोड़ के नजदीक क्षेत्र के अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बजट पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. परिचर्चा में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी. सबने एक राय से कहा कि बजट में सभी के विकास, उन्नति, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि जनकल्याणकारी बजट होनी चाहिए. विशेषकर अल्पसंख्यक के हित के बारे में बात रखते हुए महताब आलम ने कहा कि राज्य में पिछले बजटों में अल्पसंख्यकों के विकास, कल्याण लिए जितनी राशि का प्रावधान किया गया था, वह कम था. वर्तमान बजट में अल्पसंख्यक (मुस्लिम) के लिये बजट में बढ़ोतरी होनी चाहिये ताकि अल्पसख्यकों का सर्वांगीण विकास हो सके. उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर बहाली हो और उर्दू की पढ़ाई हो सके. मो सजाद ने कहा कि इस बार के बजट में अल्पसंख्यक किसानों के उत्थान के लिये कृषि उपकरण, खाद्य, बीज, टैक्टर, पशु वितरण योजना में भागीदारी बढ़ाई जाती, तो वे भी आत्मनिर्भर होते अधिकतर अल्पसंख्यक कृषि कार्य से जुड़े होते हैं. मुस्लिम अंसारी ने कहा कि बजट में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र,सामुदायिक वाचनालय और पुस्तकालय निर्माण कराने की योजना हो. अल्पसंख्यक कब्रिस्तान चहारदीवारी के साथ शेड निर्माण, पेयजल और शौर्य लाइट योजना भी हो. बुनकरों के लिये साड़ी, लुंगी जैसी योजना के लिये भी बजट में प्रावधान हो. जोरावर खान ने कहा कि झारखंड में 20 फीसदी अल्पसंख्यको की आबादी है, परन्तु उसके अनुरूप बजट नहीं दिया जाता है. इसके चलते अल्पसंख्यकों की शिक्षा, रोजगार, कृषि, ग्रामीण विकास और दूसरी जनकल्याणकारी योजनाएं नही चल पाती है. इस कारण वे आर्थिक उन्नति में पीछे रह जाते हैं. गठबंधन की सरकार को आगामी बजट में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान करना चाहिये. मो सनाउल्लाह ने कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है परन्तु 24 वर्ष बाद भी उनकी शैक्षणिक आर्थिक स्थिति में सुधार का समुचित प्रयास सरकार के द्वारा नहीं हुआ है. सरकार द्वारा पेश की जाने वाली बजट पर इसका ख्याल रखना चाहिये. कैरो प्रखंड अंजुमन के सदर मो जमील अख्तर अंसारी ने कहा कि झारखंड की गठबंधन की सरकार से अल्पसंख्यकों को काफी उम्मीदें हैं. उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में अल्पसंख्यकों के हित में प्रत्येक जिले में सरकारी अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय योजना, अल्पसंख्यक विद्यालयों के जीर्णोद्धार योजना शुरू करने, मान्यता प्राप्त मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधारभूत संरचना के लिए मॉडल मदरसा योजना, यूपीएससी, जेपीएससी व अन्य प्रतियोगिता परीक्षा के लिये कोचिंग योजना,अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं युवा और युवतियों के कौशल विकास के लिये विशेष प्रशिक्षण योजना,अल्पसंख्यक छात्राओं के लिये समुचित महिला छात्रावास बनाने की योजना बजट में शामिल करें, ताकि अल्पसंख्यकों का कल्याण हो सके. वैसे लोहरदगा जिला के लोगों खासकर अल्पसंख्यकों को अबुआ सरकार की बजट से काफी उम्मीदें हैं. इस बजट परिचर्चा में नईम अंसारी, अख्तर अंसारी, तौहीद अंसारी, मनोज कुमार, सोमा भगत, शफीक अंसारी, मजुल अंसारी, रिजवान अंसारी, रेयाज अंसारी सहित अन्य लोगों की भागीदारी रही.

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