बीबीएमकेयू : मैनेजमेंट स्टडीज के डॉ एसएन पांडेय की डिवाइस बिजनेस रिस्क मैनेजमेंट पेटेंट के लिए रजिस्टर्ड

Updated at : 15 Jul 2024 1:01 AM (IST)
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बीबीएमकेयू : मैनेजमेंट स्टडीज के डॉ एसएन पांडेय की डिवाइस बिजनेस रिस्क मैनेजमेंट पेटेंट के लिए रजिस्टर्ड

अप्रैल 2022 में शुरू किया काम, 2023 अंत में किया डेवलप, किसी भी कंपनी से जुड़े सभी तरह के रिस्क का सटीक आकलन करती है डिवाइस, विश्वविद्यालय के लिए होगा पहला अचीवमेंट

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बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के एक नीड बेस्ड टीचर और उनकी टीम द्वारा विकसित डिवाइस आने वाले दिनों में पेटेंट हासिल कर सकती है. ऐसा होने पर यूनिवर्सिटी का यह पहला अचीवमेंट होगा. मैनेजमेंट स्टडीज विभाग में शिक्षक डॉ सत्यनारायण पांडेय और उनकी टीम ने बिजनेस रिस्क मैनेजमेंट डिवाइस विकसित किया है. यह डिवाइस किसी भी कंपनी, वित्तीय संस्थान की आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन कर उसमें निवेश या फिर उनके साथ काम करने में कितना रिस्क है, यह बता सकती है. टीम में डॉ पांडेय के अलावा प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े सात विशेषज्ञ शामिल हैं. इनमें डॉ शिवा जौहरी, डॉ खुशबू सबरवाल गुप्ता, डॉ अंजली सिंह, डॉ सुनील अतुलकर, डॉ भूपेंद्र कुमार वर्मा, डॉ मोनिका शर्मा और डॉ साकेत जैन शामिल हैं.

तीन माह तक आपत्ति दर्ज नहीं, तो मिल जायेगा पेटेंट :

डॉ पांडेय व उनकी टीम ने इस डिवाइस पर अप्रैल 2022 में काम शुरू किया था. 2023 के अंत तक डिवाइस पूरी तरह डेवलप कर ली गयी थी. इसके बाद रियल टाइम में इसका परीक्षण किया गया. सभी आंकड़े सटीक मिलने के बाद टीम ने पेटेंट के लिए आवेदन किया. पेटेंट का आवेदन स्वीकार करने के साथ इस डिवाइस का पेपर पब्लिश कर दिया गया है. अगर अगले तीन माह तक किसी ने इसपर आपत्ति दर्ज नहीं करायी, तो पेटेंट प्रदान कर दिया जायेगा.

क्यों अलग है डिवाइस

डॉ सत्यनारायण पांडेय बताते हैं कि मार्केट में कई क्रेडिट रेटिंग डिवाइस हैं. इस तरह की डिवाइस किसी भी कंपनी की सिर्फ वित्तीय स्थिति का आकलन करती हैं. इससे कंपनी में निवेश करने या उनके साथ बिजनेस करने में रिस्क का सटीक आकलन नहीं किया जा सकता, क्योंकि एक कंपनी के साथ कई रिस्क जुड़े हो सकते हैं. जैसे उसके उत्पाद की बाजार में क्या मांग है, उसके निदेशकों की वित्तीय स्थिति कैसी है, उनकी चल-अचल संपत्ति को लेकर कोई विवाद तो नहीं है? वहीं बिजनेस रिस्क मैनेजमेंट डिवाइस कंपनी से जुड़े सभी तरह के रिस्क का सटीक आकलन करती है. डॉ पांडेय दावा करते हैं कि मार्केट में इस तरह की एक भी डिवाइस नहीं है.

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