बागी विधायकों की संख्या 64 हुई, रीतब्रत बोले- तृणमूल के कांग्रेस में विलय की कोई संभावना नहीं
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 11 Jun 2026 6:52 AM
रीतब्रत बनर्जी और ममता बनर्जी.
TMC Rebel MLAs Count Rises to 64: पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि बागी विधायकों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है. उन्होंने ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के बीच कांग्रेस में टीएमसी के विलय की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है.
TMC Rebel MLAs Count Rises to 64: तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उनका गुट ही ‘असली तृणमूल’ है. उन्होंने इसी के साथ तृणमूल के कांग्रेस में विलय की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. रीतब्रत का यह बयान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात और उनके नीत गुट के भविष्य को लेकर लगायी जा रही अटकलों के बीच आया है.
विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर हुई 64 : बनर्जी
रीतब्रत ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में बागी गुट के विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो गयी है. उन्होंने कहा कि पार्टी के ज्यादातर विधायकों और बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन उन्हें हासिल है. वे तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले ही काम करते रहेंगे.
हम ही हैं असली तृणमूल कांग्रेस – रीतब्रत
रीतब्रत बनर्जी ने राज्य विधानसभा के बाहर कहा- हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं. हम कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं. ममता बनर्जी की कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात और राष्ट्रीय राजधानी में अभिषेक बनर्जी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत की खबरों के बाद लगायी जा रही अटकलों के बीच उन्होंने यह बयान दिया.
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ममता बनर्जी गुट के भविष्य पर संकट के बादल
इन मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में ममता नीत धड़े के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. पार्टी अपने 28 साल के इतिहास के सबसे बड़े अंदरूनी संकट से जूझ रही है. इस बीच, बागी नेता विधानसभा में गुट की बदली हुई ताकत को दर्शाने वाला नया पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपने वाले हैं.
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विधायकों, सांसदों, नगर निकायों का मिल रहा समर्थन – रीतब्रत
बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत ने दावा किया कि उनके गुट को न केवल विधायकों का, बल्कि सांसदों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और जिला स्तर के नेताओं का भी समर्थन प्राप्त है. उन्होंने पूछा कि ज्यादातर विधायक-सांसद कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं, जिलों के नेता और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि भी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं, तो फिर विलय का सवाल ही कहां उठता है?
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लोकसभा के टीएमसी सांसद करते रहेंगे NDA का समर्थन
उन्होंने एक बार फिर कहा कि लोकसभा में उनके गुट के सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन जारी रखेंगे. इस हफ्ते की शुरुआत में तृणमूल का संकट तब और गहरा गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के भीतर शुरू हुई बगावत संसद तक पहुंच गयी.
हमारे साथ विधायकों की संख्या पहले ही 64 के पार हो चुकी है. कल एक और विधायक के हमारे साथ जुड़ने पर यह संख्या 65 हो सकती है. जाहिर है, असली तृणमूल कांग्रेस हम ही हैं. दिल्ली में कौन किससे मिलता है, यह उनका मामला है. हमारे लिए इसका कोई महत्व नहीं है.
रीतब्रत बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता
कांग्रेस में टीएमसी के विलय की अटकलें
इस माहौल में, दिल्ली में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हुई मुलाकातों का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है. ऐसी अटकलें भी तेज हैं कि ममता बनर्जी नीत तृणमूल का धड़ा कांग्रेस के साथ करीबी रिश्ते बनाने या पार्टी के विलय पर विचार कर सकता है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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