बंगाल के सियासी भूचाल पर महुआ मोईत्रा का बड़ा धमाका, तृणमूल छोड़ने वालों को बताया ‘कचरा’

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 11 Jun 2026 8:45 AM

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तृणमूल सांसद महुआ मोईत्रा.

Mahua Moitra on TMC Exodus: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के सामने जारी राजनीतिक संकट के बीच टीएमसी सांसद महुआ मोईत्रा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए इसे सफाई अभियान बताया. उन्होंने कहा कि वह मरते दम तक ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहेंगी.

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Mahua Moitra on TMC Exodus: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ऐतिहासिक विद्रोह और राष्ट्रीय स्तर पर मची भगदड़ के बीच पार्टी की सबसे आक्रामक और फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा (Mahua Moitra) ने बड़ा धमाका कर दिया है. एक तरफ टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद और 58 विधायक ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं, तो दूसरी तरफ महुआ मोईत्रा ने बागियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. महुआ ने पार्टी से नेताओं के पलायन को संकट नहीं, सफाई अभियान (Cleansing Process) करार दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि मरते दम तक ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेंगी.

महुआ मोईत्रा ने बागियों के खिलाफ उगली आग

कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद महुआ मोईत्रा ने काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय जैसे बागियों का नाम लिये बगैर उन पर सीधा और घातक हमला बोला. उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के बुरे वक्त में ममता दीदी की पीठ में छुरा घोंपकर भाग रहे हैं, वे कभी भी विचारधारा के प्रति वफादार नहीं थे. उनके जाने से तृणमूल कांग्रेस कमजोर नहीं, शुद्ध हो रही है, क्योंकि संगठन से अवसरवादी तत्वों और ‘कचरे’ का सफाया हो रहा है.

दीदी के प्रति अटूट वफादारी का लिया संकल्प

सांसद ने भावुक और आक्रामक लहजे में कहा कि जब ‘कैश फॉर क्वेरी’ विवाद में सब उनके पीछे पड़े थे, तब ममता दीदी और अभिषेक बनर्जी ने उन पर पूरा भरोसा जताया था. महुआ ने कसम खाते हुए कहा कि वे जीते-जी कभी भी ममता बनर्जी का आंचल छोड़कर किसी दूसरे दल (चाहे वह कांग्रेस हो या भाजपा) का हिस्सा नहीं बनेंगी.

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अभिषेक बनर्जी के बचाव में उतरीं सांसद

विधायकों के जाली हस्ताक्षर मामले यानी साइन-गेट (Signature Forgery Case) में सीआईडी द्वारा अभिषेक बनर्जी को बार-बार समन भेजे जाने और उनके दिल्ली जाने के बाद पार्टी पूरी तरह बैकफुट पर थी. महुआ ने खुलकर कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और राज्य की शुभेंदु अधिकारी सरकार के दम पर टीएमसी के नेतृत्व को झुकाया नहीं जा सकता.

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Mahua Moitra on TMC Exodus: विलय की अटकलों को भी किया खारिज

दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ ममता-अभिषेक की गुप्त बैठकों के बाद जब टीएमसी के कांग्रेस में संभावित विलय (Merger) की अफवाहें उड़ रहीं थीं, तब महुआ के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि ममता बनर्जी गुट का एक धड़ा अभी भी अपनी स्वतंत्र क्षेत्रीय पहचान बनाये रखने के लिए आखिरी सांस तक लड़ने को तैयार है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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