पूर्व विधान पार्षद रामरीझन सिंह की मनायी गयी 32वीं पुण्यतिथि
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 29 Jul 2024 6:49 PM
स्व. रामरीझन सिंह उर्फ चू भाईजी की 32वीं पुण्यतिथि बड़हिया प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष ज्ञान गौरव सिंह की अध्यक्षता में मनायी गयी.
बड़हिया. 50 के दशक के कांग्रेस नेता सह विधान परिषद स्व. रामरीझन सिंह उर्फ चू भाईजी की 32वीं पुण्यतिथि बड़हिया प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष ज्ञान गौरव सिंह की अध्यक्षता में मनायी गयी. इस मौके पर उपस्थित कार्यकर्ताओ ने उनके तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया. मौके पर उपस्थित लोगों ने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की गयी. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश ने बताया कि उन्होंने एक साधारण परिवार बडहिया के नूनू सिंह के द्वितीय पुत्र के रूप में जन्म लिया. उस समय देश गुलाम था. वे 7वीं कक्षा पास कर गांधीजी के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े. आजादी के बाद कांग्रेस का सदस्य बनकर बड़हिया का राजनीति करने लगे. वे पुराना मुंगेर जिला कांग्रेस के कांग्रेस अध्यक्ष बने. फिर मुंगेर जिला बोर्ड के अध्यक्ष, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य बनकर पद को सुशोभित किया. उनको प्यार से गांव वाले प्यार से चू भाईजी कहते थे. वे नाटे कद के थे. पहनावा खादी का धोती कुर्ता माथे पर टोपी था. वे काफी तेज चलते थे. जिसके कारण उनके पीछे चलने वाले कार्यकर्ता काफी पीछे रह जाते थे. उन्होंने महात्मा गांधीजी के आह्वान पर 1942ई. में अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े. उनके ज्येष्ठ स्व. राजेश्वर प्रसाद सिंह ऊर्फ लाला जी भी भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े. पिता गांधी विचार के थे. बेटा गरम दल विचार के माने जाते थे. जब उनके पुत्र को अंग्रेज सिपाही ने पकड़ा और बोला गांधी गोली मार दें. वे भारत माता के जंजीरों को छुड़ाने के खातिर बेहिचक बोले मार दो. वह कैसा दिन था देश के खातिर अपना बेटा को भी बलिदान देने को तैयार हो जाते थे. जिसके कारण अंग्रेज को भारत छोड़ना पड़ा था, लेकिन वर्तमान समय में देश का मान सम्मान गद्दी के खातिर बेचा जा रहा. देश का परवाह नहीं है. अपना गद्दी बचाने का लक्ष्य है. उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी उनके आदर्श पर चले जिससे भारत का मान सम्मान लौट सके. वहीं प्रखंड अध्यक्ष ज्ञान गौरव सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रामरीझन बाबू बड़हिया में जन-जन के नेता थे. बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे सब को साथ लेकर चलने वाले थे. ये केवल बड़हिया ही नहीं पूरे बिहार में उनका पार्टी में अच्छा प्रभाव था. इनके पद चिन्हों पर चलने की आवश्यकता है. मौके पर दिवाकर कुमार सिंह, राजकुमार बड़ैय, नवल किशोर सिंह, संजय कुमार सिंह, मनोज कुमार पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष, सच्चिदानंद सिंह, श्रीकांत ठाकुर, शंभू कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, सुनील कुमार, अनिल कुमार सिंह, विनय कुमार, प्रो मिथलेश सिंह, वशिष्ठ कुमार, आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.
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