Video: स्कूल या अय्याशी का अड्डा! सिक रूम में मिले 1.77 करोड़ कैश, शराब और कंडोम, नगरपालिका चेयरमैन समेत 4 पर केस दर्ज
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 11 Jun 2026 4:24 PM
Cash Alcohol Bottles Condoms Bedroom Inside Bengal School: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में एक इंग्लिश मीडियम स्कूल से 1.77 करोड़ रुपए कैश, शराब की बोतलें और कंडोम बरामद हुए हैं. भाजपा ने इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है.
बैरकपुर (उत्तर 24 परगना) से मनोरंजन सिंह की रिपोर्ट
Cash Alcohol Bottles Condoms Bedroom Inside Bengal School: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में शिक्षा के मंदिर को अय्याशी के अड्डे में तब्दील कर दिया गया था. जिले के कांचरापाड़ा के प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल से 1.77 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं. स्कूल में बीमार बच्चों के आराम करने के लिए बने कमरे ‘सिक रूम’ की आलमारी से शराब की बोतलें और कंडोम के पैकेट भी मिले हैं. कुछ दस्तावेज और कंप्यूटर भी जब्त किये गये हैं.
रात भर चला तलाशी अभियान
बुधवार देर रात शुरू हुआ तलाशी अभियान गुरुवार सुबह 4 बजे तक चला. पुलिस उस वक्त हैरान रह गयी, जब स्कूल में बेडरूम जैसा सेटअप देखा. स्कूल के भीतर मिले इस गोपनीय कमरे में सोफा, ऐश-ट्रे, शराब की खाली व भरी बोतलें और आपत्तिजनक सामग्रियां बिखरी थी. प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. 2 अकाउंटेंट को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है.
तृणमूल के पूर्व विधायक के भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
इस मामले में बीजपुर के तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुबोध अधिकारी के भाई कमल अधिकारी समेत 4 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कमल अधिकारी कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन हैं. हार्नेट इंग्लिश मीडियम स्कूल (Harnett English Medium School) के कार्यकारी प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने स्कूल फंड में गबन और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए 4 लोगों (कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन कमल अधिकारी, गौतम घोष दस्तीदार, अभिक कुमार नाग और सायन पाल) के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी है. इसमें गबन, धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के आरोप लगाये गये हैं.
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घाटे में चल रहा स्कूल
प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल के अनुसार, स्कूल लगातार घाटे में चल रहा था. जब अकाउंटेंट अभिक कुमार नाग से प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ की मौजूदगी में वॉल्ट खोलने को कहा गया, तो उसमें बेहिसाब नकदी मिली. शिकायत के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 316(5), 318(4), 308(5), 338/61(2) तहत मामला दर्ज किया गया है.
क्या है मामला?
बीजपुर के विधायक सुदीप्त दास अपने विधानसभा क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों का ‘डेटा बैंक’ तैयार करवा रहे हैं. इसी दौरान इस स्कूल के बारे में जानकारी मिली. सूचना पर विधायक रात में ही स्कूल पहुंचे और पुलिस को बुलाया. जानकारी मिलते ही केंद्रीय बल और स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. नकदी गिनने के लिए रात में ही मशीनें मंगवायी गयीं. पहले 2 मशीनें पहुंचीं, बाद में एक और मशीन लायी गयी. सुबह साढ़े 4 बजे तक काउंटिंग हुई.
बीजेपी विधायक का आरोप
बीजपुर के बीजेपी विधायक सुदीप्त दास ने कहा- जैसे पार्थ चटर्जी के घर से पैसे मिले थे, वैसे ही यहां भी बेहिसा पैसे मिले. स्कूल में इतना कैश होना मतलब स्कूल में अनियमितता हो रही थी. उन्होंने दावा किया कि यह पैसा स्कूल का नहीं, कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक का ‘काला धन’ है. ईडी-सीबीआई के डर से पैसे स्कूल में छुपाये गये थे. स्कूल की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कांचरापाड़ा नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन कमल अधिकारी थे. खबर लिखे जाने तक कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी अथवा सांसद पार्थ भौमिक की कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.
प्रिंसिपल बोले- पैसे एडमिशन फीस के
स्कूल के प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल का दावा है कि बरामद नकदी एडमिशन फीस से मिले हैं. उन्होंने कहा- अप्रैल से एडमिशन का पैसा जमा था. इसे बैंक में भेजना था. यह अकाउंट्स सेक्शन का पैसा है.
Cash Alcohol Bottles Bedroom Inside Bengal School: स्कूल में कंडोम कैसे पहुंचा, नहीं मालूम : प्रिंसिपल
यह पूछे जाने पर कि ‘सिक रूम’ में कंडोम कैसे पहुंचा, इस पर प्रिंसिपल ने कहा- आलमारी से एक कंडोम का पैकेट निकला है. यह वहां कैसे गया, मुझे नहीं पता. उन्होंने कहा- मुझे यह देखकर गहरा मानसिक सदमा लगा है कि बच्चों के इलाज के लिए बने ‘सिक रूम’ को किस तरह की घिनौनी हरकतों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.
क्या कहती है पुलिस
बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम के स्रोत की जांच की जा रही है. पूछताछ में विरोधाभासी बयान सामने आने के बाद बीजपुर थाने की पुलिस ने स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
राजनीतिक कनेक्शन तलाश रही पुलिस
पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन पैसों का इस्तेमाल राज्य में जारी हालिया राजनीतिक उथल-पुथल, विधायकों की खरीद-फरोख्त या किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के लिए किया जाना था. शिक्षा के मंदिर से निकले इस कलंक ने बंगाल के अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है.
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