संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किए जाएंगे छऊ मुखौटा गुरु सुशांत महापात्र

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सुशांत महापात्र

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Seraikela Kharsawan News: सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण के गुरु सुशांत महापात्र को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. पीढ़ियों से चली आ रही इस विरासत को संजोते हुए उन्होंने सरायकेला शैली के छऊ मुखौटों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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सरायकेला से प्रताप मिश्रा/शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

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Seraikela Kharsawan News: सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण गुरु सुशांत महापात्र को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा जाएगा. भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी द्वारा इसकी घोषणा की गई है. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलने पर छऊ कलाकारों में हर्ष की लहर दौड़ गई है. अवार्ड की घोषणा होने के साथ ही कलाकारों ने उन्हें बधाई दिया है साथ ही छऊ के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि करार दिया है. इस प्रतिष्ठीत पुरस्कार के लिए नामित होने पर गुरु सुशांत महापात्र काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि देर से ही सही लेकिन भारत सरकार ने कला के प्रति उनके समर्पण को सम्मान दिया है. इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार का आभार जताया है. 79 वर्षीय छऊ गुरु सुशांत महापात्र ने बताया कि वह आजीवन छऊ नृत्य के लिए कार्य करते रहेंगे. मालूम हो कि सुशांत महापात्र की पहचान देश-विदेश में अच्छे मुखौटा कलाकार के रूप में हैं. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति के हाथों दिया जाता है.

विरासत से मिली कला को आगे बढ़ा रहे है सुशांत

सुशांत महापात्र को छऊ मुखौटा निर्माण करने की कला विरासत में मिली थी. गुरु सुशांत महापात्र ने मात्र आठ वर्ष की उम्र में अपने बड़े पिताजी से मुखौटा निर्माण की कला को सीखना शुरू कर दिया था. वे पारंपरिक तकनीकों को संरक्षित रखते हुए इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं.

मुखोटा से सरायकेला शैली छऊ को मिली अलग पहचान

महापात्र परिवार पीढ़ियों से छऊ मुखौटा निर्माण कला से जुड़ा हुआ है. वर्ष 1925 में प्रसन्न कुमार महापात्र ने सरायकेला शैली छऊ के लिए पहला आधुनिक मुखौटा तैयार किया था, जिसने इस नृत्य शैली को एक विशिष्ट पहचान दी. सुशांत द्वारा बनाए गए छऊ मुखौटों की प्रदर्शनी भारत के अनेक शहरों के साथ-साथ अमेरिका, जर्मनी (बर्लिन) और ऑस्ट्रिया (वियना) में भी लग चुकी है. वर्ष 2022 में उन्हें ओडिशा के पुरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव “अप्सरा-2022” में ‘गुरु ब्रह्मा अवार्ड’ से सम्मानित किया गया. इसके अलावा भी उन्हें कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है.

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