चतरा के सिमरिया पहुंचे बिहार के अलवर और औरंगाबाद के 40 मुखिया, पंचायती राज योजनाओं का किया अध्ययन

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 11 Jun 2026 6:02 PM

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प्रखंड कार्यालय में स्वागत समारोह में उपस्थित अधिकारी और जनप्रतिनिधि. फोटो: प्रभात खबर

Chatra News: चतरा के सिमरिया प्रखंड में बिहार के अरवल और औरंगाबाद जिले के 40 मुखियाओं ने पंचायतों का दौरा कर पंचायती राज योजनाओं का अध्ययन किया. अधिकारियों के साथ बैठक में विकास कार्यों, आय सृजन मॉडल, मनरेगा पार्क और महिला आजीविका केंद्रों की जानकारी साझा की गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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चतरा से दीनबंधू और धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Chatra News: चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में गुरुवार को बिहार के अरवल और औरंगाबाद जिले से आए 40 चयनित मुखियाओं ने विभिन्न पंचायतों का दौरा कर यहां संचालित पंचायती राज एवं विकास योजनाओं का अध्ययन किया. इस दौरान प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया गया तथा पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई.

प्रखंड कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत

सिमरिया प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायती राज पदाधिकारी कुमारी वेदवंती और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्र देव प्रसाद ने बिहार से आए मुखियाओं का स्वागत किया. वहीं एदला और जांगी पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने भी अतिथियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया. इस अवसर पर दोनों राज्यों के जनप्रतिनिधियों के बीच पंचायतों के विकास और योजनाओं के बेहतर संचालन को लेकर विचार-विमर्श किया गया.

योजनाओं और कार्य प्रणाली पर हुई चर्चा

प्रखंड कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान बीडीओ चंद्र देव प्रसाद ने पंचायतों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की. वहीं जिला पंचायती राज पदाधिकारी कुमारी वेदवंती ने बिहार में पंचायती राज विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी ली और झारखंड में चल रही योजनाओं और उनकी कार्यप्रणाली से अवगत कराया.

आय सृजन से जुड़ी योजनाओं का किया अवलोकन

अध्ययन दौरे के तहत बिहार से आए मुखियाओं को विभिन्न योजनाओं के सफल मॉडल दिखाए गए. इनमें अभिसरण के माध्यम से आय सृजन के उद्देश्य से स्थापित सरसों तेल निर्माण यूनिट, एदला महिला आजीविका केंद्र, कोरी जांगी स्थित मनरेगा पार्क तथा कुट्टी बानासाडी में संचालित जेंडर रिसोर्स सेंटर प्रमुख रूप से शामिल रहे. इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है.

अन्य राज्यों के अनुभवों पर भी हुई चर्चा

जिला परिषद सदस्य देवनंदन साहू ने विभिन्न राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली और विकास मॉडल पर अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि अपने प्रतिनिधित्व काल में उन्हें अन्य राज्यों में प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण का अवसर मिला था, जिससे कई नई जानकारियां प्राप्त हुईं. उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच इस प्रकार के अनुभवों का आदान-प्रदान स्थानीय विकास और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उपयोगी साबित होता है.

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एदला, बानासाडी और जांगी पंचायतों का किया दौरा

बैठक के बाद बिहार से आए प्रतिनिधिमंडल ने एदला, बानासाडी और जांगी पंचायत क्षेत्रों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं, आजीविका कार्यक्रमों और पंचायत स्तर पर किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया. इस अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य एक-दूसरे के अनुभवों से सीख लेकर पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना था. आखिर विकास की किताबें सिर्फ फाइलों में नहीं लिखी जातीं, कभी-कभी मुखियाओं के ऐसे दौरे भी कई नए अध्याय जोड़ देते हैं.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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