बरजोड़ा में नागरिक समाज ने फ्लाईओवर के लिए बुलंद की आवाज

बरजोड़ा चौराहा अक्सर ट्रैफिक जाम में फंसा रहता है. इसके अलावा बाजार जाने की उम्मीद में कई लोगों की भीड़ और वाहनों की भीड़ के कारण भी दुर्घटनाएं होती रहती हैं. सड़क हादसों में यहां प्रति वर्ष 12 से 14 मौतें होती हैं. इसी कारण बरजोरा नागरिक समाज लंबे समय से यहां फ्लाईओवर की मांग कर रहा है.
बांकुड़ा.
बरजोड़ा चौराहा अक्सर ट्रैफिक जाम में फंसा रहता है. इसके अलावा बाजार जाने की उम्मीद में कई लोगों की भीड़ और वाहनों की भीड़ के कारण भी दुर्घटनाएं होती रहती हैं. सड़क हादसों में यहां प्रति वर्ष 12 से 14 मौतें होती हैं. इसी कारण बरजोरा नागरिक समाज लंबे समय से यहां फ्लाईओवर की मांग कर रहा है. उन्होंने राज्य निर्माण मंत्रालय को एक सार्वजनिक ज्ञापन भी भेजा है. इसे लेकर स्थानीय विधायक को भी कम परेशान नहीं होना पड़ा है. मांग के अनुपालन में उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया है और संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा है. उन्होंने खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है. इससे पहले, जब विधायक ने मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में फ्लाईओवर का मुद्दा उठाया तो सकारात्मक जवाब नहीं मिला था. कुछ दिन पहले इसी चौमाथा जंक्शन पर एक हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गयी थी. उस दिन इलाके के लोग फ्लाई ओवर की मांग को लेकर विरोध पर उतर आये थे. आक्रोशित भीड़ ने विधायक आलोक मुखर्जी के सामने प्रदर्शन भी किया. विधायक ने वादा किया कि वह इस मुद्दे को फिर से विधानसभा में उठायेंगे और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे. उन्होंने नागरिक समाज से किया अपना वादा निभाया. लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले अगर राज्य सरकार फ्लाईओवर के मुद्दे पर कार्रवाई नहीं करती है तो बाराजोरा के लोगों ने चेतावनी दी है कि वे बाजी पलट देंगे.बांकुरा-दुर्गापुर राज्य राजमार्ग संख्या 9 पर बाराजोरा- दुर्लभपुर औद्योगिक कोरिडोर ने एक चौराहा बना दिया है. दोनों सड़कें अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यस्ततम सड़कें हैं. नतीजा यह है कि बड़े वाहन, डंपर, बुलडोजर 24 घंटे चल रहे हैं. इस बीच बरजोरा में फुटपाथ नाम की कोई चीज नहीं है. नतीजतन सड़क पर हमेशा लोगों का रेला लगा रहता है. यहां के सामाजिक कार्यकर्ता कंचन बिद ने कहा कि लोगों के पास चलने के लिए कोई जगह नहीं है. ऊपर से चारों ओर फैक्टरियों जहरीली हवा है. कंचन बिद ने कहा कि फ्लाईओवर की मांग को लेकर वह काफी समय से सभी संबंधित विभागों को आवेदन दे रहे हैं. विधायक आलोक मुखर्जी ने कहा कि बरजोरा में सौ से अधिक फैक्टरियां हैं. दूसरी ओर, गंगाजलघाटी दुर्लभपुर में पूर्वी भारत में डीवीसी की सबसे बड़ी बिजली परियोजना और कई छोटे और मध्यम कारखाने हैं. गाड़ियों के सारे झटके बरजोडा पर पड़ते हैं. नतीजा यह है कि बरजोरा चौमाथा चौराहे पर दिन-ब-दिन हादसों का खतरा बढ़ रहा है.
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