नगर निगम के कानूनी सलाहकार ने कराया अवैध निर्माण, 31 मई को तोड़ने का हुक्म
Published by : AMIT KUMAR Updated At : 27 May 2026 9:41 PM
आसनसोल नगर निगम के कानूनी सलाहकार एक के बाद एक मुश्किल में फंस रहे हैं.
आसनसोल.
आसनसोल नगर निगम के कानूनी सलाहकार एक के बाद एक मुश्किल में फंस रहे हैं. वर्ष 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के एक मामले में कानूनी सलाहकार रबीउल इस्लाम को नामजद अभियुक्त बनाया गया. यह मामला अभी चल ही रहा है कि आसनसोल निगम ने उन पर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया और 31 मई 2026 को उसे तोड़ने का आदेश अपने अफसरों को दे दिया. निगम के कानूनी सलाहकार पर निगम की कार्रवाई का आदेश इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. इस बीच, रबीउल ने बुधवार शाम को संवाददाता सम्मेलन करके यह बताया कि उन्होंने सरकारी जमीन पर कोई व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं बनाया था, छज्जा देकर एक पार्टी ऑफिस बनाया था, जिसे तोड़ने के लिए 31 मई को निगम के अधिकारियों को आने की जरूरत नहीं है. उससे पहले वे खुद ही सबकुछ यहां से हटा लेंगे, लेकिन उनका सुझाव है कि प्रशासन को सबके साथ बराबर की कार्रवाई करनी होगी. शहर में अनेकों अवैध निर्माण हैं.क्या है पूरा मामला
आसनसोल नगर निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ने बुधवार को एक आदेश जारी किया, जिसमें लिखा कि आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के तालपुकुरिया बाइलेन इलाके के निवासी जावेद इकबाल व अन्य लोगों ने एक मास पिटीशन देकर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की जानकारी दी. उसके आधार पर जांच करके पाया गया कि रबीउल इस्लाम ने जीटी रोड किनारे, आश्रम मोड़ के पास, बैंक ऑफ इंडिया के पीछे सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कराया है.
सरकारी जमीन पर बने इस अवैध निर्माण को गिराने का कार्य 31 मई 2026 को सुबह 11:30 बजे किया जायेगा. ऐसे में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों को बताये गये शेड्यूल के अनुसार सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को गिराने का निर्देश देता हूं. इस आदेश के बाद से ही खलबली मच गयी है.राजनीतिक दलों के ज्यादातर कार्यालय कहीं न कहीं सरकारी जमीन पर
नगर निगम के कानूनी सलाहकर रबीउल इस्लाम ने कहा कि राजनीतिक दलों के अधिकतर कार्यालय कहीं न कहीं सरकारी जमीन पर ही बने हैं. उनका कार्यालय तोड़ने का आदेश दिया गया है, प्रशासन को तोड़ने की जरूरत नहीं होगी, वे खुद ही सारा कुछ हटा लेंगे. लेकिन और भी जो अवैध निर्माण है, उस पर भी तो कार्रवाई होगी. दोमुंही नीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने तृणमूल के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में ये लोग भाजपा नेताओं से जाकर मिल रहे हैं और तृणमूल के अंदर की सारी जानकारी दे रहे हैं. उनके मुताबिक ऐसे नेता गिरगिट से भी ज्यादा तेजी से रंग बदल रहे हैं. ऐसे नेता व कार्यकर्ताओं से पार्टी को सावधान रहना होगा.
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