NEET मामले में छात्रों के साथ नहीं होगा अन्याय, शुभेंदु अधिकारी बोले- हर हाल में मिलेगी दोषियों को सजा

Author Ashish Jha
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शुभेंदु अधिकारी

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने NEET प्रश्नपत्र लीक मामले में CBI द्वारा संजीव कुमार उर्फ ​​संजीव मुखिया को क्लीन चिट दिए जाने पर चिंता जताई है. उन्होंने दोषियों को सजा दिलाने की प्रधानमंत्री की पहल का समर्थन किया है.

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कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET प्रश्नपत्र लीक कांड में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए त्वरित अदालतों के गठन की घोषणा की है. प्रधानमंत्री की इस पहल का पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा- समाज के भविष्य के साथ लुका-छिपी का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माने जा रहे संजीव कुमार उर्फ ​​संजीव मुखिया को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है. हालांकि, सीबीआई ने यह भी कहा है कि असली दोषियों की पहचान कर ली गई है.

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प्रधानमंत्री के फैसले का पूर्ण समर्थन

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री के फैसले का पूर्ण समर्थन किया है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा-प्रधानमंत्री का बयान हम सभी का बयान है. हम कोई अलग बयान नहीं देना चाहते. प्रधानमंत्री ने दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के आदेश दिए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री का यह फैसला समयोचित और बहुत मजबूत कदम है, जो शून्य सहनशीलता नीति के साथ प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा.

सरकार बदलना चुनाव से ही संभव

इस विषय पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जादवपुर का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा- मैं प्रधानमंत्री के बयान को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना चाहता हूं. अगर कोई तर्कसंगत आंदोलन करता है, तो सरकार उस पर कार्रवाई करेगी, लेकिन अगर किसी और की मंशा है, तो चुनाव के बिना यह संभव नहीं है, इस बात को ध्यान में रखना होगा. लोकतांत्रिक जुलूस और सभाएं आयोजित करने में कोई समस्या नहीं है.

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जबरन छात्रों को ले जाना सही नहीं

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा-अगर छात्रों को जबरन छात्रावास से निकाला जाता है. तो परसों जादवपुर में ऐसा ही हुआ. छात्रावास के छात्रों ने मुझे बताया कि हम जाना नहीं चाहते थे. हमें मजबूर किया गया. मैंने आज कुलपति को बताया. मैंने जादवपुर के कुलपति से फोन पर बात की. यह एक लोकतांत्रिक देश है, यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन छात्रावास के लड़कों को मजबूर करके ये सब नहीं किया जा सकता. हम जुलूस और सभाओं की अनुमति देते हैं.

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