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अबुआ दिशोम बजट में छऊ नगरी को नयी ऊर्जा, सरायकेला सदर अस्पताल बनेगा मेडिकल कॉलेज

Updated at : 24 Feb 2026 7:33 PM (IST)
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Government Chhau Dance Art Centre

राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला

Saraikela Kharsawan: मंगलवार को झारखंड का बजट पेश किया गया. इसमें सरायकेला के छऊ नृत्य केंद्र को मदद करने और सरायकेला सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव लाया गया है.

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शचिंद्र कुमार दाश
Saraikela Kharsawan: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया. इस बजट में सरायकेला-खरसावां जिले के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जिससे क्षेत्र में कला-संस्कृति और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के सुचारू संचालन को मंजूरी

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला के सुचारू संचालन के लिए कार्यकारी एवं स्थायी समितियों के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गयी है. साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन और प्रचार-प्रसार के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद एवं झारखंड सरकार के बीच पांच वर्षों के लिए एमओयू किया गया है. सदन में की गयी इस घोषणा से क्षेत्र के कला प्रेमियों और कलाकारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. इसे कला और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

1960-61 में हुई थी छऊ नृत्य कला केंद्र की स्थापना

विदित हो कि सरायकेला में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र की स्थापना वर्ष 1960-61 में छऊ नृत्य के संरक्षण एवं संवर्द्धन के उद्देश्य से की गयी थी. हालांकि पिछले कुछ वर्षों से केंद्र में निदेशक, वरीय अनुदेशक, वंशी वादक, ढोलक वादक और माली-सह-चौकीदार के स्थायी पद रिक्त पड़े हैं, जिससे संचालन प्रभावित रहा है.

यूनेस्को की सूची में शामिल है छऊ नृत्य

सरायकेला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला छऊ नृत्य वर्ष 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया था. सरायकेला को ‘छऊ नगरी’ के रूप में जाना जाता है. यहां के सात छऊ गुरुओं को पद्मश्री पुरस्कार मिल चुका है. सरायकेला के कलाकारों ने पहली बार वर्ष 1938 में विदेश में छऊ नृत्य प्रस्तुत कर देश का नाम रोशन किया था. आज भी यहां के कलाकार देश-विदेश में नियमित रूप से प्रस्तुति देते हैं. छऊ नृत्य झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है.

सरायकेला सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की तैयारी

बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. वित्त मंत्री ने बताया कि कुछ सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है. पहले चरण में धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी के सदर अस्पतालों को विकसित किया जाएगा. दूसरे चरण में लातेहार, साहेबगंज तथा सरायकेला-खरसावां के सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का रूप दिया जाएगा. इस घोषणा से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की उम्मीद जगी है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न केवल इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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