बंगाल में फिर मिला ‘नोटों का पहाड़’, टीएमसी चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद बोरियों में भरा कैश बरामद

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 28 May 2026 6:55 AM

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TMC Leader Arrested Cash Recovery: पांशकुड़ा में टीएमसी के पूर्व नगरपालिका चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकानों से बोरियों में भरा कैश बरामद हुआ है. नोटों की गिनती जारी है और भ्रष्टाचार के बड़े सिंडिकेट का खुलासा होने की उम्मीद है.

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TMC Leader Arrested Cash Recovery: पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सफाई अभियान के बीच एक बार फिर भारी मात्रा में नकदी मिलने से हड़कंप मच गया है. पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कद्दावर नेता और नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तारी के बाद तलाशी में मिले नोट

गिरफ्तारी के बाद हुई तलाशी में पुलिस के हाथ नोटों से भरी कई बोरियां लगी हैं. माना जा रहा है कि यह कैश करोड़ों में हो सकता है. इस घटना ने अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से मिले कैशकांड की यादें ताजा कर दी. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बोरियों में छिपाकर रखा गया यह पैसा अवैध वसूली का है या फिर किसी बड़े घोटाले का हिस्सा.

रेड में मिला खजाना : बोरियों में छिपाकर रखे थे नोट

बुधवार को बंगाल पुलिस की एक विशेष टीम ने भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर टीएमसी के नगरपालिका प्रमुख के ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान घर के कोनों और गुप्त ठिकानों से बोरियां बरामद हुईं. जब इन्हें खोला गया, तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गये. इनमें भारी मात्रा में नकदी ठूंस-ठूंस कर भरी गयी थी.

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नोटों की गिनती के लिए मंगवानी पड़ी मशीन

बरामद कैश इतना ज्यादा था कि पुलिस को नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ी. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक आधिकारिक तौर पर कुल रकम का खुलासा नहीं किया गया है. सूत्रों का दावा है कि यह आंकड़ा करोड़ों में है. नकदी के साथ-साथ पुलिस ने जमीन के सौदों और नगरपालिका के टेंडरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किये हैं.

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गिरफ्तारी के बाद टीएमसी बैकफुट पर

नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी ने तृणमूल कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. बंगाल पुलिस ने भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की है. गिरफ्तार नेता पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति बनायी और सरकारी धन का गबन किया.

बीजेपी ने बोला हमला, टीएमसी ने दी सफाई

इस बरामदगी के बाद बीजेपी ने टीएमसी पर चौतरफा हमला बोला. बीजेपी नेताओं ने कहा कि बोरियों में मिला यह पैसा बंगाल की जनता का खून-पसीना है, जिसे टीएमसी नेताओं ने लूटा है. दूसरी ओर, टीएमसी के जिला नेतृत्व ने इस मामले से दूरी बनाने की कोशिश की है. पार्टी का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो पार्टी उसका बचाव नहीं करेगी.

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TMC Leader Arrested Cash Recovery: भ्रष्टाचार के सिंडिकेट पर बड़ी चोट

पांशकुड़ा में हुई यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाये जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान का हिस्सा मानी जा रही है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही संकेत दिये थे कि नगर पालिकाओं में हुए घोटालों की जांच की जायेगी. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह कैश स्थानीय स्तर पर अवैध निर्माण की अनुमति देने और सिंडिकेट के जरिये की गयी उगाही का परिणाम हो सकता है.

जांच में हो सकती है ईडी की एंट्री

चूंकि मामला भारी नकदी की बरामदगी से जुड़ा है, इसलिए कयास लगाये जा रहे हैं कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जल्द ही इस मामले को अपने हाथ में ले सकता है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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