Air Ambulance Crash: रात भर हादसे वाली जगह जमे रहे डीसी-एसपी, DGCA जुटा रहा सबूत

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Air Ambulance Crash: रात भर हादसे वाली जगह जमे रहे डीसी-एसपी, DGCA जुटा रहा सबूत

Air Ambulance Crash: सोमवार की देर रात चतरा में हुए एयर एबुलेंस क्रैश मामले में जांच के लिए डीजीसीए की टीम घटनास्थल पर गई और सबूत जुटाने का प्रयास किया. इस हादसे में दो पायलटों सहित कुल 7 लोगों की मौत हो गई.

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Air Ambulance Crash: सोमवार की देर रात चतरा के जंगलों में रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई और उसमें सवार कुल सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मंगलवार को डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की एक टीम ने दिनभर उस स्थान की जांच की और मलबे से सभी सबूत इकट्ठा करने का प्रयास किया. रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट C90 विमान VT-AJV, जिसमें सात लोग (चालक दल के 2 सदस्यों सहित) सवार थे, सोमवार की रात चतरा जिले के सिमरिया ब्लॉक के कसारिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

रात भर हादसे की जगह जमे रहे डीसी और एसपी

जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर और सिमरिया प्रखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर इस जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे. वहीं सूचना पाकर डीसी कीर्तिश्री और एसपी सुमित कुमार अग्रवाल रात में ही कड़ी सुरक्षा के बीच घटनास्थल पर पहुंचे और रात भर वहां जमे रहे. अहले सुबह एयर एंबुलेंस में फंसे लोगों के शव निकालने की प्रक्रिया शुरू की गयी. इसमें काफी मशक्कत करनी पड़ी. सुबह चार बजे तक सभी शव बाहर निकाले गये और एंबुलेंस से चतरा सदर अस्पताल भेजे गये. वहां पोस्टमार्टम कराया गया और अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी.

नक्सल प्रभावित क्षेत्र है करमटांड़

यह हादसा नक्सल प्रभावित करमटांड़ में हुआ, जो एक दशक पूर्व तक नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था. उस समय नक्सली दिन-रात हथियारों के साथ खुलेआम घूमते थे और तब वहां जाने की किसी में हिम्मत नहीं होती थी. इसके बावजूद डीसी और एसपी बिना भय अपने काफिले के साथ घटनास्थल तक पहुंचे और करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर मौके पर पहुंचे. सुरक्षा की दृष्टि से एसएसबी के जवानों ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर घेराबंदी की और चौकसी बनाये रखी.

ग्रामीणों की रही अहम भूमिका

ग्रामीणों की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में बेहद अहम रही. सबसे पहले उन्होंने ही दुर्घटनास्थल का पता लगाया और प्रशासन को सूचना दी. इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण रातभर घटनास्थल पर मौजूद रहे. सिमरिया थाना क्षेत्र के अलावा टंडवा, लातेहार के बारियातू और बालूमाथ से भी लोग वहां पहुंचे. प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से शवों को निकालने और आगे की प्रक्रिया पूरी की गयी.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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