चतरा में 'मंईयां सम्मान योजना' का डेटा लीक, व्हाट्सएप पर सूची वायरल, साइबर ठगी का बढ़ा खतरा

Published by : Sameer Oraon Updated At : 27 May 2026 10:16 PM

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मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों पर साइबर ठगी का खतरा बढ़ा, Pic Credit- AI Only For Symbolism

Maiya Samman Yojana: चतरा में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों का संवेदनशील डेटा (आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर) व्हाट्सएप ग्रुपों में लीक हो गया है. उपायुक्त रवि आनंद से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है.

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चतरा से मो. तस्लीम की रिपोर्ट

Maiya Samman Yojana, चतरा : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ से जुड़ी एक बेहद गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आ रही है. चतरा नगर परिषद क्षेत्र की हजारों लाभुक महिलाओं का बेहद संवेदनशील और निजी डेटा लीक हो गया है. दरअसल, योजना के लाभुकों की सूची से जुड़ी एक पीडीएफ (PDF) फाइल पिछले कुछ दिनों से कई स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुपों में धड़ल्ले से वायरल हो रही है. इस फाइल के वायरल होने से लाभार्थी महिलाओं की प्राइवेसी पूरी तरह दांव पर लग गई है और पूरे जिले में हड़कंप मच गया है.

व्हाट्सएप पर वायरल पीडीएफ में खुली निजी जानकारियां

लीक हुए डेटा में सुरक्षा और गोपनीयता की धज्जियां उड़ गई हैं. इस वायरल पीडीएफ फाइल में योजना का लाभ ले रही महिलाओं की बेहद निजी और गोपनीय जानकारियां खुलकर सामने आ गई हैं. इस डेटा सूची में महिलाओं का नाम, उनके पिता या पति का नाम, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या (Account Number), बैंक का नाम और मोबाइल नंबर जैसे अति-संवेदनशील विवरण साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं. जानकारों का मानना है कि साइबर अपराधियों और ठगों के हाथ अगर यह डेटा लग जाए, तो वे महिलाओं को आसानी से अपनी ठगी का शिकार बना सकते हैं.

चल रहे सत्यापन का फायदा उठा सकते हैं साइबर अपराधी

गौरतलब है कि इन दिनों पूरे राज्य में मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों का भौतिक और विभागीय सत्यापन कार्य चल रहा है. इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर अपराधी खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मी या सत्यापन टीम का सदस्य बताकर इन महिलाओं को फोन कर सकते हैं. चूंकि अपराधियों के पास महिलाओं की पूरी कुंडली (जैसे खाता संख्या और आधार नंबर) पहले से होगी, इसलिए वे महिलाओं को आसानी से झांसे में ले सकते हैं. ठग उन्हें योजना बंद होने, अगली किस्त रुकने या खाते के री-वेरिफिकेशन का डर दिखाकर बैंक डिटेल्स, यूपीआई पिन या ओटीपी (OTP) मांग सकते हैं. कई लाभार्थियों ने बताया भी है कि उनके पास अब अजीबोगरीब नंबरों से फोन आने भी शुरू हो गए हैं.

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उपायुक्त रवि आनंद से जांच और कार्रवाई की मांग

डेटा लीक की इस बड़ी लापरवाही से नाराज और डरे हुए लाभार्थियों ने चतरा के उपायुक्त (DC) रवि आनंद से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. पीड़ितों ने मांग की है कि इस संवेदनशील डेटा लीक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कंप्यूटर ऑपरेटरों की पहचान कर उन पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और आगे के लिए डेटा को पूरी तरह सुरक्षित (Secure) किया जाए.

प्रभारी जिला सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी (DSSO) का पक्ष

इस पूरे मामले पर जब प्रभारी जिला सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी विनय कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास डेटा लीक होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. हालांकि, मामला गंभीर है, इसलिए लाभुकों का यह डेटा कहां से और किस स्तर से लीक हुआ है, इसकी पूरी गहनता से जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी.

प्रभात खबर की अपील: सावधान रहें!

यदि किसी भी लाभुक महिला या उनके परिजनों को योजना के सत्यापन, केवाईसी (KYC), खाता जांच या रुकी हुई किस्त जारी करने के नाम पर कोई भी फोन कॉल या मैसेज आता है, तो बेहद सतर्क रहें. कोई भी सरकारी विभाग फोन पर आपसे ओटीपी (OTP), एटीएम पिन (PIN), या पैसे की मांग नहीं करता है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें. यदि ऐसा कोई संदिग्ध कॉल आए, तो उसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर थाना या स्थानीय प्रशासन को दें.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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