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prabhatkhabar.com की रिपोर्ट का असर, मेदांता के ‘चंगुल’ से मुक्त हुए अयूब, सीएम ने दिखाये सख्त तेवर

Updated at : 09 Feb 2018 8:33 AM (IST)
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prabhatkhabar.com की रिपोर्ट का असर, मेदांता के ‘चंगुल’ से मुक्त हुए अयूब, सीएम ने दिखाये सख्त तेवर

रांची : प्रभात खबर डॉट कॉम की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निजी अस्पतालों को सख्त संदेश दिया है. सीएम ने राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक मेदांता में ‘बंधक’ बने लातेहार के बीपीएलपरिवारके अयूब को मुक्त करवाया, बल्कि प्राइवेट हॉस्पिटल्स को सख्त संदेश दिया कि ऐसा […]

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रांची : प्रभात खबर डॉट कॉम की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निजी अस्पतालों को सख्त संदेश दिया है. सीएम ने राज्य के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक मेदांता में ‘बंधक’ बने लातेहार के बीपीएलपरिवारके अयूब को मुक्त करवाया, बल्कि प्राइवेट हॉस्पिटल्स को सख्त संदेश दिया कि ऐसा करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. prabhatkhabar.com की इस संबंध में पोस्ट की गयी एक रिपोर्ट को री-ट्वीट करते हुए सीएम ने लिखा कि कोई भी अस्पताल यदि मरीज से बिना वजह अधिक पैसा मांगे, तो हमें अवश्य सूचित करें. ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद लातेहार जिला के ग्राम चोपे (पोस्ट मुरुप) के मोहम्मद अयूब अली उर्फ अयूब मियां (75) को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. हालांकि, दिन में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गयी, जिसकी वजह से उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया था. फलस्वरूप उनके परिजनों ने अस्पताल से आग्रह किया कि रात में उन्हें कहीं शिफ्ट नहीं कर पायेंगे,तो उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया गया.

अयूब के बेटे मोहम्मद इमदाद ने बताया कि ओरमांझी थाना सेउन्हेंबतायागया कि अस्पतालको एक भी पैसा नहीं देना है. उनके पिता को रिलीज कर दिया गया है.वे उन्हें घर ले जा सकते हैं. इमदाद और उनके घर के लोगोंने सूबे के मुखिया रघुवर दास और prabhatkhabar.com का शुक्रिया अदा किया है. इमदाद ने कहा कि सीएम और मीडिया के सहयोग से उन्हें बड़ी समस्या से निजात मिल चुकी है. अब वह अपने पिता को रिम्स में शिफ्ट कर रहे हैं, ताकि बाकी का इलाज वहां हो सके.

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उल्लेखनीय है कि करीब दो महीने पहले रांची के इरबा स्थित मेदांता अस्पताल में अयूब को भर्ती कराया गया था. उस समय डॉक्टर ने कुल 1.25 लाख रुपये का खर्च बताया था. परिजनों ने किस्तों में डेढ़ लाख रुपये जमा करवाये. बाद में अयूब के सिर में पानी पाया गया, तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और 2,29,525 रुपये का इस्टीमेट दिया. मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना के तहत लातेहार के सिविल सर्जन के पत्रांक संख्या 1909, दिनांक 15 दिसम्बर 2017 के माध्यम से मेदांता अस्पताल को पूरी राशि मिल गयी.

इस दौरान एक बार फिर अयूब की तबीयत बिगड़ी और उन्हें MICU एवं NICU में रखना पड़ा. जब मरीज को रिलीज किया गया, तो यह जानते हुए कि वह बीपीएल है, 9.85 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया. भुगतान करने में असमर्थता जताने पर मरीज के परिजनों को केस में फंसाने की धमकी दी गयी. prabhatkhabar.com ने पूरे घटनाक्रम की विस्तार से रिपोर्ट पोस्ट की, तो सीएम ने उस पर संज्ञान लिया और मरीज को मुक्त करवाया.

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