बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, महिलाओं ने फिर गाड़े झंडे

Published by :Mithilesh Jha
Published at :29 Apr 2026 9:00 PM (IST)
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West Bengal Election 2026 Highest Voting Record

West Bengal Election 2026 Highest Voting Record: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो आजादी के बाद वोटिंग का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. चुनाव आयोग ने 532 करोड़ रुपए की जब्ती की है. जानें जेंडर-वार वोटिंग और कैसे थे सुरक्षा के इंतजाम.

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West Bengal Election 2026 Highest Voting Record: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसकी मिसाल आजादी के बाद से अब तक नहीं मिली थी. निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण के मतदान में बंगाल की जनता ने अपनी लोकतांत्रिक ताकत का लोहा मनवाया है.

2011 के 84.27 फीसदी वोटिंग का रिकॉर्ड टूटा

इस चरण में कुल 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है. यह आंकड़ा खास है, क्योंकि इसने 2011 के 84.72 फीसदी वाले पिछले सबसे बड़े रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है.

West Bengal Election 2026 Highest Voting Record: महिलाओं ने फिर मारी बाजी

इस चुनाव में एक बार फिर बंगाल की महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक उत्साह दिखाया है. 92.28 प्रतिशत महिला, 91.07 प्रतिशत पुरुष और 91.28 प्रतिशत थर्ड जेंडर के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. अगर दोनों चरणों को मिला दिया जाये, तो कुल मतदान 92.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है.

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कैश, नशीले पदार्थ, हथियार और विस्फोटकों की बरामदगी

शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किये थे. चुनाव आयोग ने भारी मात्रा में अवैध सामान जब्त कर गुंडागर्दी पर नकेल कसी है. अब तक 390 अवैध हथियार, 598 कारतूस और 1348 बम जब्त किये जा चुके हैं. 15 मार्च से अब तक कुल 532.88 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है. इसमें 30 करोड़ कैश और 132 करोड़ की शराब शामिल है.

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120 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त, 23 लाख विज्ञापन हटाये

चुनाव की घोषणा से लेकर अब तक लगभग 120 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ भी बरामद किये गये हैं. इस दौरान आचार संहिता का सख्ती से पालन किया गया. पूरे राज्य से अब तक कुल 23,49,276 अवैध राजनीतिक विज्ञापनों और पोस्टरों को सार्वजनिक व निजी संपत्तियों से हटाया गया है. उत्तर 24 परगना से सर्वाधिक 2.05 लाख और कोलकाता उत्तर से 1.70 लाख पोस्टर हटाये गये हैं.

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व्हीलचेयर से लेकर मोबाइल डिपॉजिट तक की सुविधा

  • दिव्यांग मतदाताओं के लिए न केवल व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की व्यवस्था की गयी, बल्कि उन्हें घरों से बूथ तक लाने के लिए मुफ्त परिवहन की सुविधा भी दी गयी.
  • उम्मीदवारों की पहचान आसान बनाने के लिए ईवीएम बैलेट पेपर पर पहली बार रंगीन फोटो का इस्तेमाल किया गया.

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दूसरे चरण में 142 सीटों पर 1448 उम्मीदवार

इलेक्शन कमीशन ने बताया कि बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 142 सीटों पर 1,448 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 3.21 करोड़ मतदाताओं ने किया है. हालांकि, ये आंकड़े अभी प्रोविजनल (अनंतिम) हैं और सर्विस वोटर्स के नंबर जुड़ने के बाद इनमें और बदलाव हो सकता है. 4 मई को होने वाली मतगणना यह साफ कर देगी कि जनता ने इस बंपर वोटिंग के जरिए किसे सत्ता का आशीर्वाद दिया है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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