बंगाल चुनाव 2026: दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर महामुकाबला, भवानीपुर में ममता-शुभेंदु की प्रतिष्ठा दांव पर

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West Bengal Election 2026 Phase 2 Vote

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West Bengal Election 2026 Phase 2: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के अंतिम चरण में 29 अप्रैल यानी आज 142 सीटों पर वोटिंग है. दक्षिण बंगाल में टीएमसी के 123 सीटों वाले रिकॉर्ड को चुनौती दे रही है भाजपा. जानें SIR और भवानीपुर के महामुकाबले का पूरा सच.

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West Bengal Election 2026 Phase 2 South Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का सबसे बड़ा ‘दंगल’ 29 अप्रैल को होने जा रहा है. दूसरे और अंतिम चरण में राज्य के 8 जिलों की 142 सीटों पर होने वाला मतदान तय कर देगा कि बंगाल के सिंहासन पर कौन बैठेगा.

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दूसरे चरण के चुनाव की मुख्य बातें

  • कुल प्रत्याशी : 1,448
  • पुरुष प्रत्याशी : 1228
  • महिला प्रत्याशी : 220
  • मतदान तिथि : 29 अप्रैल
  • सीटें : 8 जिलों की 142 सीटें
  • सुरक्षा : सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात
  • पोलिंग बूथ : 41,001
  • कुल वोटर : 3,22,15,260
  • पुरुष वोटर : 1,64,74,306
  • महिला वोटर : 1,57,40,162
  • ट्रांसजेंडर वोटर : 792
  • 18-19 साल के वोटर : 4,12,668
  • दिव्यांग वोटर : 57,783
  • 100+ साल के वोटर : 3,243
  • महिला संचालित बूथ : 8,845
  • दिव्यांग संचालित बूथ : 13
  • वेबकास्टिंग : 41,001 बूथों की
  • हेल्पलाइन नंबर : 1950
  • टोल फ्री नंबर : 1800-345-0008
  • ई मेल : wbfreeandfairpolls@gmail.com

टीएमसी के अभेद्य किले में है मुकाबला

मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस ‘अभेद्य किले’ में है, जिसने 2021 में भाजपा की लहर को रोक दिया था. कोलकाता, हावड़ा, 24 परगना और हुगली जैसे जिलों की ये सीटें नबान्न (सचिवालय) तक पहुंचने का इकलौता रास्ता हैं. क्या ममता बनर्जी अपना गढ़ बचा पायेंगी? या भाजपा इस बार इतिहास रचेगी?

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सीटों का गणित : टीएमसी की ताकत

2021 के चुनाव परिणाम बताते हैं कि दक्षिण बंगाल में टीएमसी कितनी मजबूत रही है. इन 142 सीटों में से टीएमसी ने 123 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को महज 18 सीटों से संतोष करना पड़ा था. उत्तर 24 परगना की 33, दक्षिण 24 परगना की 31, हुगली की 18, नदिया की 17, हावड़ा की 16, पूर्व बर्धमान की 16 और कोलकाता की 11 सीटें चुनाव की दिशा तय करेंगी.

ईवीएम और बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें

पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी ईवीएम और और बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, उनका क्रमांक, नाम और चुनाव चिह्न बड़े अक्षरों में होंगे, ताकि मतदाताओं को आसानी हो.

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बूथों के 100 मीटर के दायरे में कड़ी निगरानी

दूसरे चरण में आयोग ने न सिर्फ पोलिंग बूथों पर, बल्कि बूथों के 100 मीटर के दायरे में भी निगरानी कड़ी करने का फैसला लिया है. अब बूथों तक जाने वाली 100 मीटर की सड़क पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे. पहले चरण के चुनाव में एक कैमरा बूथ के अंदर और एक बाहर लगाया गया था, लेकिन इस बार बूथों तक जाने वाली सड़कों पर भी कैमरे लगेंगे. बूथ के 100 मीटर का दायरा केंद्रीय जवानों के अधीन रहेगा.

‘मिनी इंडिया’ में ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी की जंग

इस चरण की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर है, जिसे प्रतिष्ठा का केंद्र माना जा रहा है. 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अब दीदी के अपने गढ़ भवानीपुर में उन्हें चुनौती दे रहे हैं. बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, सिख और मुस्लिम आबादी वाली इस सीट को ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है. यहां की जीत-हार पूरे बंगाल को बड़ा राजनीतिक संदेश देगी.

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West Bengal Election 2026 Phase 2 South Bengal: SIR और डिलीट हुए वोट बिगाड़ेंगे खेल?

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का सबसे विवादित मुद्दा मतदाता सूची से नाम हटाया जाना (SIR) है. आंकड़ों ने राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया है. उत्तर 24 परगना से 12.6 लाख और दक्षिण 24 परगना से 10.91 लाख समेत कुल 46 लाख से ज्यादा नाम काटे गये हैं. दक्षिण बंगाल की कम से कम 25 सीटें ऐसी हैं, जहां हटाये गये नामों की संख्या पिछली जीत के अंतर से कहीं ज्यादा है. यह फैक्टर चुनाव के बाद बड़े विवाद का कारण बन सकता है.

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शाह का ‘भरोसा’ बनाम ममता का ‘अधिकार’ कार्ड

प्रचार के आखिरी दौर में दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. अमित शाह ने चुनाव बाद 60 दिनों तक केंद्रीय बलों की तैनाती का वादा कर मतदाताओं को निडर होकर वोट डालने का भरोसा दिया है. भाजपा घुसपैठ और महिलाओं की सुरक्षा को मुद्दा बना रही है. ममता बनर्जी ने इसे ‘डर की राजनीति’ करार दिया है. वह लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं और ‘बंगाल के अधिकार’ के नाम पर वोट मांग रही हैं. दीदी का दावा है कि पहले चरण में ही वे 100 का आंकड़ा पार कर चुकी हैं.

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