भवानीपुर में वोट से पहले ‘जंग’, शुभेंदु अधिकारी का दावा- TMC ने BJP की महिला कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकाया

Published by :Mithilesh Jha
Published at :24 Apr 2026 7:03 PM (IST)
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Suvendu Adhikari vs Mamata Banerjee TMC vs BJP West Bengal Election 2026

कथित तौर पर भाजपा की महिला कार्यकर्ता को धमकी देने वाले तृणमूल समर्थक और थाने में दी गयी लिखित शिकायत.

Suvendu Adhikari vs Mamata Banerjee: दक्षिण कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ता बीना दास को धमकाने का मामला गरमा गया है. शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है. भवानीपुर में 29 अप्रैल को मतदान से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया है.

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Suvendu Adhikari vs Mamata Banerjee: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले दक्षिण कोलकाता का सियासी पारा चढ़ गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता और ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाये हैं.

चुनाव आयोग से कार्रवाई करने की मांग

शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की एक सक्रिय महिला कार्यकर्ता को उनके घर पर घेरकर डराया-धमकाया गया है. शुभेंदु ने इस घटना की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से की है और तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है.

गुंडों के समूह ने भाजपा कार्यकर्ता को घेरा : शुभेंदु

पश्चिम बंगाल के लीडर ऑफ ऑपोजेशीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए टीएमसी समर्थकों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता बीना दास बुधवार देर शाम अपने घर पर थीं, तभी ‘गुंडों’ के एक समूह ने उनके आवास को घेर लिया.

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घर-घर प्रचार करने की मिली सजा : अधिकारी

भवानीपुर के उम्मीदवार ने कहा कि बीना दास भाजपा के लिए घर-घर जाकर प्रचार (डोर-टू-डोर कैंपेन) कर रहीं थीं. इससे चिढ़कर उन्हें परेशान किया गया है. यह विपक्ष को दबाने और टीएमसी की इस भ्रष्ट शासन के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं को आतंकित करने का प्रयास है.

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93 प्रतिशत मतदान और हार का कनेक्शन

शुभेंदु अधिकारी ने इस धमकी को पहले चरण के मतदान से जोड़ते हुए दावा किया कि रिकॉर्ड मतदान से टीएमसी डरी हुई है. उन्हें अपनी हार साफ नजर आ रही है. इसलिए वे अब हिंसा और धमकियों का सहारा ले रहे हैं. कालीघाट पुलिस थाने में इसकी शिकायत की गयी है. भाजपा नेता ने आगाह किया कि अगर स्थानीय पुलिस मूकदर्शक रही, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी.

भवानीपुर में फिर ममता बनर्जी से आमने-सामने की जंग

शुभेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ रहे हैं. वर्ष 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने के बाद शुभेंदु का कद बड़ा हो गया. ममता बनर्जी ने बाद में भवानीपुर उपचुनाव में बड़े अंतर से जीत दर्ज करके अपनी सीट सुरक्षित की थी. इसलिए ममता बनर्जी के लिए इस बार प्रतिष्ठा की लड़ाई है.

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Suvendu Adhikari vs Mamata Banerjee: 29 अप्रैल को भवानीपपुर में वोटिंग

भवानीपुर विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जायेंगे. वोट से पहले शुभेंदु के आरोपों पर फिलहाल तृणमूल कांग्रेस ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. दूसरी तरफ, अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी की ऐसी धमकियों से बंगाल में ‘परिवर्तन की लहर’ रुकने वाली नहीं है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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