बंगाल चुनाव 2026: EVM और वोटिंग की सुरक्षा के चुनाव आयोग ने बनाये कड़े नियम, SD कार्ड का प्रोटोकॉल बदला

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Election Commission New Guidelines West Bengal Election 2026

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Election Commission New Guidelines: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के बीच निर्वाचन आयोग ने मतदान के बाद कैमरों और वीडियो डेटा प्रबंधन के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं. एसडी कार्ड को अब केवल रिसीविंग सेंटर पर ही निकाला जा सकेगा.

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Election Commission New Guidelines: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद निर्वाचन आयोग (EC) सुरक्षा-व्यवस्था को और पुख्ता करने में जुट गया है. 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग के तुरंत बाद आयोग ने एक नया और सख्त दिशा-निर्देश जारी किया.

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डेटा छेड़छाड़ की गुंजाइश को शून्य करना है उद्देश्य

यह गाइडलाइन (Election Commission New Guidelines) मुख्य रूप से मतदान केंद्रों पर लगे निगरानी कैमरों और उनके वीडियो डेटा के सुरक्षित प्रबंधन के लिए तैयार की गयी है. आयोग का मकसद चुनावी पारदर्शिता को बनाये रखना और किसी भी तरह की डेटा छेड़छाड़ की गुंजाइश को शून्य करना है.

अब तुरंत नहीं निकाल सकेंगे SD कार्ड

नये प्रोटोकॉल के अनुसार, मतदान संपन्न होने के बाद कैमरों के साथ की जाने वाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. मतदान केंद्रों पर लगे कैमरों में इस्तेमाल किये गये एसडी (SD) कार्ड अब वोटिंग खत्म होते ही बूथ पर नहीं निकाले जा सकेंगे. अधिकारियों को केवल कैमरा उतारने की इजाजत होगी.

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सेक्टर ऑफिसर की निगरानी

उतारे गये कैमरे सीधे सेक्टर अधिकारी की कस्टडी में रहेंगे. इन्हें पूरी तरह सील बंद और सुरक्षित रखा जायेगा. एसडी कार्ड केवल निर्धारित डेटा संग्रहण केंद्र (Receiving Centre) पर सहायक निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में ही निकाले जा सकेंगे.

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बूथ छोड़ने से पहले पूरी करनी होगी प्रक्रिया

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने मतदानकर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़े निर्देश जारी किये हैं. कहा है कि जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह से उतारकर सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक मतदान दल का कोई भी सदस्य या बूथस्तरीय अधिकारी (BLO) मतदान केंद्र छोड़कर नहीं जा सकता.

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Election Commission: संरक्षित रखे जायेंगे वीडियो फुटेज

चुनाव के दौरान रिकॉर्ड की गयी सभी वीडियो फुटेज को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करना अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल साक्ष्य के रूप में किया जा सके.

दूसरे चरण के लिए वेबकास्टिंग का ट्रायल शुरू

सुरक्षा नियम कड़े किये जाने के साथ-साथ 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां भी तेज हो गयी हैं. शुक्रवार सुबह से वेबकास्टिंग का परीक्षण (Testing) शुरू कर दिया गया. यह अभ्यास 3 अलग-अलग चरणों में पूरा होगा. वेबकास्टिंग के जरिये आयोग मुख्यालय से सीधे बूथों की गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी.

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सबकी नजरें 29 अप्रैल और 4 मई पर

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल (बृहस्पतिवार) को संपन्न हो चुका है. अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण की वोटिंग और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं.

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