भाजपा सरकार ने बंगाल को दिवालया होने से बचाया, केंद्र से मिले 70,000 करोड़ रुपए : वित्त मंत्री

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पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्त.

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्त.

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में खुलासा किया है कि मई में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य को केंद्र से 70,000 करोड़ रुपए मिले हैं. यह राशि राज्य को दिवालिया होने से बचाने में सहायक साबित हुई है. वित्त मंत्री ने विधानसभा में और क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

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पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने शनिवार को विधानसभा में कहा कि मई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद से राज्य को केंद्र से 70,000 करोड़ रुपए मिले हैं. इससे राज्य दिवालिया होने से बच गया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछली सरकार राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज छोड़ गयी है. केंद्र से मिली मदद के बिना पश्चिम बंगाल में कई कल्याणकारी योजनाएं बंद हो जातीं.

विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा

विधानसभा में पेश किये गये विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन को संबोधित करते हुए दासगुप्ता ने कहा कि मौजूदा सरकार को केंद्र से 70,000 करोड़ रुपए मिले हैं, जिसके बिना पश्चिम बंगाल ‘दिवालिया’ हो जाता. राज्य सरकार को अपने समेकित कोष से खर्च करने की मंजूरी देने वाला यह विधेयक शनिवार को विधानसभा में पारित हो गया.

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WBIDC ने मध्यस्थता कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

विधेयक पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार को कई अतिरिक्त प्रावधान करने होंगे, जिसमें कार बनाने वाली इकाई लगाने के लिए आवंटित जमीन से जुड़े विवाद में टाटा मोटर्स के पक्ष में आये मध्यस्थता फैसले से जुड़ा प्रावधान भी शामिल है. इस फैसले को पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है.


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मिथिलेश झा

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By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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