इस्कॉन के किचन में बनेगा कोलकाता के 500 सरकारी स्कूलों के लिए मध्याह्न भोजन, अलग से मिलेंगे अंडे

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इस्कॉन के किचन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम को किया संबोधित. फोटो : प्रभात खबर

इस्कॉन के किचन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम को किया संबोधित. फोटो : प्रभात खबर

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में इस्कॉन की विशाल रसोई का उद्घाटन किया. इस रसोई में 500 सरकारी स्कूलों के 44,000 छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार होंगे. बच्चों को सप्ताह में दो दिन उबले हुए अंडे अलग से मिलेंगे.

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ISKCON Mid Day Meal Kolkata: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कोलकाता में इस्कॉन की एक विशाल रसोई का उद्घाटन किया. इस रसोई में शहर के 500 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के 44,000 स्टूडेंट्स (छात्र-छात्राओं) के लिए मध्याह्न भोजन तैयार किया जायेगा. दक्षिण कोलकाता के तारातला में इस रसोई का औपचारिक उद्घाटन करने से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक ‘यज्ञ’ में हिस्सा लिया.

कोलकाता में इस्कॉन के किचन में बने भोजन का आनंद लेते स्कूली बच्चे. फोटो : प्रभात खबर
कोलकाता में इस्कॉन के किचन में बने भोजन का आनंद लेते स्कूली बच्चे. फोटो : प्रभात खबर

प्रति छात्र भोजन की राशि 10 रुपए की गयी

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा- शुरुआत में इस्कॉन कोलकाता के 500 स्कूलों के 44,000 छात्रों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध करायेगा. अगले 3 महीनों के भीतर यह सुविधा 2.5 लाख स्टूडेंट्स को उपलब्ध करायी जायेगी. इसके साथ ही प्रति छात्र भोजन की आवंटित राशि बढ़ाकर 10 रुपए कर दी गयी है.

इस्कॉन के किचन में मध्याह्न भोजन पकाने और बच्चों को खिलाने में जुटे दिखे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी. फोटो : प्रभात खबर
इस्कॉन के किचन में मध्याह्न भोजन पकाने और बच्चों को खिलाने में जुटे दिखे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी. फोटो : प्रभात खबर

सप्ताह में 2 दिन अलग से बच्चों को मिलेंगे अंडे

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस्कॉन द्वारा तैयार किये जाने वाले भोजन के अलावा, राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छात्रों को सप्ताह में 2 बार उबले अंडे अलग से उपलब्ध करायेगी.

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किसी रसोइया की नहीं जायेगी नौकरी : शुभेंदु

मध्याह्न भोजन की पहल के लिए इस्कॉन का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि संतुलित पोषण छात्रों के समग्र विकास में मदद करेगा. उन्होंने साफ किया कि अब तक खाना बनाने वाले किसी भी रसोइया को काम से नहीं निकाला जायेगा. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार पहले ही रसोई का काम करने वालों का मासिक मानदेय 2,000 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए कर चुकी है.

भोजन पकाने की प्रक्रिया में शामिल हुए सीएम

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने रसोई का निरीक्षण किया और खुद भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में भाग लिया. उन्होंने बिजली से चलने वाले उन वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनके जरिये स्कूलों तक भोजन पहुंचाया जायेगा.

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मध्याह्न भोजन योजना होगी बेहतर : अधिकारी

इस अवसर पर मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन भी मौजूद थे. इसके अलावा 5 स्कूलों के लगभग 40 स्टूडेंट्स भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए. अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य इस्कॉन के सहयोग से राज्य की मध्याह्न भोजन योजना के तहत खाना पकाने और उसके वितरण की व्यवस्था को सुगम एवं बेहतर बनाना है.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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