बंगाल वोटर लिस्ट मामला : सुप्रीम कोर्ट पहुंचा चुनाव आयोग, जानिए SIR की सुनवाई में क्यों लगेंगे 12 साल
सुप्रीम कोर्ट और मतदाता सूची
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट अपीलों की सुनवाई में 12 साल लग सकते हैं. आयोग ने न्यायाधिकरणों की संख्या बढ़ाने और ऑनलाइन सुनवाई की अनुमति देने की मांग की है.
कोलकाता : सर्वोच्च न्यायालय में एक हलफनामे में, भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यदि अपीलीय न्यायाधिकरण इसी गति से सुनवाई करता रहा, तो इसमें 12 साल लग जाएंगे. इसी दिन, राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर एक हलफनामे में कहा, "जिस गति से अपीलीय न्यायाधिकरण में अपीलों की सुनवाई हो रही है, पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जिनके नाम छूट गए थे, उनकी अपीलों की सुनवाई में 12 साल लग जाएंगे."
अब तक नहीं सुलझा SIR का मुद्दा
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पिछले साल शुरू हुई थी. इसके बाद, मसौदा सूची और अंतिम मतदाता सूची चरणबद्ध तरीके से प्रकाशित की गई. हालांकि, SIR का मुद्दा अब तक सुलझा नहीं है. SIR में जिन लोगों के नाम छूट गए थे और जिन्होंने पुनर्विचार के लिए आवेदन किया था, उनकी अधिकतर याचिकाओं पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है.
अपीलीय न्यायाधिकरणों की संख्या की मांग
हलफनामे में अपीलीय न्यायाधिकरणों की संख्या 19 से बढ़ाकर 42 करने की मांग की गई है. इसमें न्यायिक अधिकारियों को अपने आवास या किसी अन्य स्थान से ऑनलाइन सुनवाई करने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया गया है. हलफनामे में इस उद्देश्य के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर में सुधार करने का आदेश देने की भी मांग की गई है.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
1.2 लाख में से मात्र 8,649 अपीलें खारिज
हलफनामे के अनुसार, अब तक निपटाए गए 1,26,194 अपीलों में से लगभग 93 प्रतिशत आवेदकों ने अपील जीत ली है और उनके नाम मतदाता सूची में पुनः शामिल कर लिए गए हैं. हालांकि, 1.2 लाख में से 8,649 अपीलें हार गए हैं और उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे. आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के बाद बाहर किए गए 27 लाख लोगों में से 22,21,118 लोगों ने अपील दायर की है. निजी याचिकाकर्ताओं और चुनाव आयोग (ईसीआई) के माध्यम से नामों को शामिल किए जाने के खिलाफ दायर अपीलों की कुल संख्या 16,10,311 है.
Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए