गुमला में बवाल: विवादित जमीन मापी के दौरान अंचल कर्मी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, नहीं हो पाया सीमांकन

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Gumla Crime News

महिला के साथ बहस करते राजस्व कर्मचारी

Gumla Crime News: गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत केड़ेंग गांव में जमीन सीमांकन के लिए गए अंचल कर्मियों पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया. राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा को ग्रामीणों ने घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. एक महिला द्वारा उन्हें चप्पलों से पीटने का वीडियो भी सामने आया है. भारी हंगामे और मारपीट के बाद सीमांकन का कार्य पूरा नहीं हो सका और पुलिस बल को बैरंग लौटना पड़ा. पढ़ें, पूरी रिपोर्ट.

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Gumla Crime News, गुमला, (दुर्जय पासवान की रिपोर्ट): गुमला स्थित चैनपुर प्रखंड के केड़ेंग गांव में बुधवार को जमीन सीमांकन करने पहुंचे प्रशासनिक टीम पर हमला हो गया है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल हुआ ये कि शिव प्रसाद नामक व्यक्ति द्वारा दिए गए ऑनलाइन आवेदन के आलोक में अंचल कार्यालय से एक टीम विवादित भूमि की मापी करने पहुंची थी. लेकिन, राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा, नरेंद्र सेठ और अंचल अमीन उमाशंकर उरांव जैसे ही घटनास्थल पर पहुंचे, आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया.

पुलिस से पहले पहुंच गए कर्मचारी, बन गए सॉफ्ट टारगेट

नियमतः पुलिस बल की मौजूदगी में मापी होनी थी, लेकिन राजस्व कर्मचारी पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गए. इसी बीच, गांव के कुछ लोगों ने राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा को घेर लिया. एक महिला ने उन्हें चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया. अचानक हुए इस हमले से कर्मचारी पूरी तरह घिर गए और किसी तरह जान बचाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों ने उन्हें खदेड़-खदेड़ कर पीटा. इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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पुलिस रही बेबस, सीमांकन रहा अधूरा

बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया, लेकिन तब तक स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी थी. ग्रामीणों के हिंसक विरोध के कारण जमीन सीमांकन का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया. अंततः, अंचल के सभी कर्मचारी और पुलिस बल को बैरंग वापस लौटना पड़ा. देर शाम तक अंचल कार्यालय की ओर से चैनपुर थाना में लिखित आवेदन दिया गया है, हालांकि खबर लिखे जाने तक मामले में एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया जारी थी.

प्रशासन की बड़ी चूक?

स्थानीय लोगों का कहना है कि विवादित भूमि के मामले में अंचल कार्यालय को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए थी. दूसरी ओर, राजस्व कर्मचारी का कहना है कि वे केवल अपने विभागीय आदेश का पालन कर रहे थे. फिलहाल, इस हमले ने न केवल सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न की है, बल्कि अंचल कर्मियों के बीच भय का माहौल भी पैदा कर दिया है. प्रशासन अब इस मामले में दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रहा है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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