रांची में निजी स्कूलों की मनमानी: पैरेंट्स ने DC को पूछा- फीस निर्धारण समिति का गठन सिर्फ कागजों पर क्यों

Published by :Sameer Oraon
Published at :29 Apr 2026 8:42 PM (IST)
विज्ञापन
Ranchi Private School

झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने उठाये रांची स्कूल की मनमानी पर सवाल

Ranchi Private School: राजधानी रांची के निजी विद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में की गई बेतहाशा फीस वृद्धि और विभिन्न मदों में अतिरिक्त वसूली के खिलाफ 'झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन' ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में उपायुक्त को भेजे गए ज्ञापन में प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. एसोसिएशन का आरोप है कि जिला स्तरीय फीस निर्धारण समिति की बैठकें नहीं हो रही हैं, जिससे स्कूलों को मनमानी की खुली छूट मिल गई है.

विज्ञापन

Ranchi Private School, रांची (पूजा सिंह की रिपोर्ट): राजधानी रांची के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए की गई मनमानी फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों का धैर्य जवाब देने लगा है. ‘झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन’ के बैनर तले बुधवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने उपायुक्त (DC) रांची को ईमेल के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजा. इस ज्ञापन में न केवल स्कूलों की मनमानी का कच्चा चिट्ठा खोला गया है, बल्कि जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर भी कड़े सवाल दागे गए हैं. अजय राय ने स्पष्ट किया कि राजधानी के लगभग सभी प्रमुख निजी स्कूलों ने आपसी सांठगांठ कर फीस बढ़ा दी है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी बोझ पड़ रहा है.

एनुअल और डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर ‘अवैध वसूली’

अजय राय ने कहा कि ट्यूशन फीस तो बढ़ाई ही गई है, साथ ही एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज और कंप्यूटर फीस जैसे गैर-जरूरी मदों के नाम पर अतिरिक्त वसूली का खेल जारी है. अभिभावकों का आरोप है कि इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय को दर्जनों शिकायतें दी गईं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई. हैरानी की बात यह है कि पूर्व निर्धारित 21 अप्रैल 2026 की बैठक, जो स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के बीच होनी थी, वह भी बिना किसी सूचना के टाल दी गई. इससे अभिभावकों में भारी निराशा और आक्रोश है.

Also Read: झारखंड में नियमों को ठेंगा दिखा बिक रहा खुला मांस: हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, स्वास्थ्य सचिव को मिला ये निर्देश

कानून का उल्लंघन: कागजों में सिमटा शिक्षा न्यायाधिकरण

एसोसिएशन ने कानूनी पहलुओं को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि ‘झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017’ के तहत जिला स्तरीय फीस निर्धारण समिति का गठन तो किया गया है, लेकिन इसकी एक भी बैठक नहीं बुलाई गई. अजय राय ने पूछा कि यदि समिति फैसले नहीं ले रही है, तो स्कूलों की मनमानी पर अंकुश कैसे लगेगा? इसके अलावा, कई स्कूल सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) के कड़े निर्देशों की अवहेलना करते हुए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पुस्तकों की सूची तक प्रकाशित नहीं कर रहे हैं.

सिंगल वेंडर व्यवस्था और पारदर्शिता की मांग

अभिभावकों की सबसे बड़ी शिकायत ‘सिंगल वेंडर’ व्यवस्था को लेकर है. स्कूलों द्वारा अभिभावकों को एक ही निर्धारित दुकान से महंगी पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है. एसोसिएशन ने अपनी मांगों में स्पष्ट कहा है कि जिला स्तरीय फीस निर्धारण समिति की तत्काल बैठक बुलाई जाए, अवैध शुल्क वसूली करने वाले स्कूलों की जांच हो और पारदर्शिता के लिए पुस्तक सूची को वेबसाइट पर डालना अनिवार्य किया जाए. एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे व्यापक आंदोलन को विवश होंगे.

Also Read: गांव-गांव में पहुंचेगा नशा मुक्ति का संदेश: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी की आंगनवाड़ी सेविकाएं करेंगी समाज को जागरूक

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola