कैरव गांधी अपहरण मामले में जमशेदपुर पुलिस आज करेगी खुलासा, अब तक आठ अरेस्ट

Updated at : 29 Jan 2026 10:54 AM (IST)
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Kairav ​​Gandhi Kidnapping Case

अपने घर की बालकनी से अभिवादन करते कैरव गांधी (बीच में). फाइल फोटो

Kairav ​​Gandhi Kidnapping Case: जमशेदपुर के बिष्टुपुर से युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस आज बड़ा खुलासा करेगी. अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. फर्जी पुलिस बनकर अपहरण की साजिश रची गई थी. गयाजी और नालंदा से जुड़े सुराग मिले हैं. पुलिस ने कैरव गांधी को 14वें दिन सुरक्षित बरामद किया. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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Kairav ​​Gandhi Kidnapping Case: झारखंड के जमशेदपुर में बिष्टुपुर से युवा एंटरपेन्योर कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस गुरुवार 29 जनवरी 2026 को बड़ा खुलासा करेगी. इस मामले में जमशेदपुर पुलिस ने अब तक करीब आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि अपहरणकर्ताओं ने फर्जी पुलिस का वेश धारण कर करीब एक हफ्ते तक रेकिंग की थी. उसके बाद कैरव गांधी का अपरण किया गया था. जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष खुद गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं. गिरफ्त में आए आरोपियों ने अपराध स्वीकारा भी है. इस गिरोह का मास्टरमाइंड गयाजी का रहने वाला है.

अपहरण से पहले स्कॉर्पियो का बदला गया नंबर प्लेट

पुलिस की पूछताछ में आरोपी उपेंद्र सिंह और अर्जुन सिंह ने बताया कि अपहरण करने से पहले उनलोगों ने एक हफ्ते तक कैरव गांधी की रेकी की. फर्जी पुलिस बनकर कैरव का अपहरण करने की योजना बनाई गई. सबकुछ तय होने के बाद स्कॉर्पियो का नंबर प्लेट बदला और उस पर पुलिस का स्टीकर लगाया गया, ताकि किसी को शक न हो और आसानी से पुलिस को चकमा देकर निकला जा सके.

कैरव गांधी को गयाजी और नालंदा में रखा गया बंद

अपहरण के बाद कैरव गांधी को गयाजी और नालंदा में अलग-अलग जगहों पर घर में बंद कर रखा गया. अपहरण के पूर्व एक फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था की थी, जिससे फिरौती के लिये कैरव गांधी के पिता और चाचा को फोन किया. लेकिन, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

एक फोन कॉल से मिला सुराग

पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को एक फोन कॉल को ट्रेस करने के दौरान पता चला कि अपहरण करने वाले कैरव गांधी को किसी और जगह शिफ्ट करना चाहते हैं. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने फोन कॉल में बताई गई जगह पर घेराबंदी की. सोमवार देर शाम में बरही-चौपारण के बीच कैरव को स्कॉर्पियो में लेकर जैसे ही अपहरणकर्ता पहुंचे, पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया और तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने अपहर्ताओं के कब्जे से कैरव गांधी को मुक्त कराया. पुलिस ने उस स्कॉर्पियो को भी जब्त किया, जिसमें अपहरणकर्ता कैरव गांधी को लेकर पहुंचे थे.

अपराधियों की तलाश में गयाजी गई पुलिस

मिशन पूरा करने के बाद पुलिस की एक टीम कैरव को लेकर जमशेदपुर रवाना हो गई. दूसरी टीम गिरफ्तार तीनों युवकों को साथ लेकर अपहरण में शामिल उसके साथी की तलाश में गयाजी पहुंची. बिष्टुपुर थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात में बिहार पुलिस के सहयोग से गयाजी जिले के बुनियादगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत शादीपुर पंचायत के सोंधी गांव में छापेमारी कर उपेंद्र सिंह (50) और अर्जुन सिंह (28) को गिरफ्तार किया. इसके बाद नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र से अतुल नामक युवक को पकड़ा गया. फिर, पुलिस छह अपहरणकर्ताओं को लेकर जमशेदपुर रवाना हो गई. पुलिस ने कैरव गांधी की रेकी करने में मदद करनेवाले जमशेदपुर के दो युवकों को गिरफ्तार किया.

स्कॉर्पियो को जंगल में छुपाया

पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के साथ ही उस स्कॉर्पियो को भी बरामद कर लिया है, जिससे कैरव गांधी का अपहरण किया गया था. पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो को गयाजी के जंगल में छिपा कर रखा गया था. उसके पिछले शीशे पर सटा पुलिस का स्टीकर भी हटा दिया गया था. जबकि, दूसरी स्कॉर्पियो से कैरव गांधी को लेकर अपहरणकर्ता बरही-चौपरण के बीच हाइवे पर पहुंचे थे.

14वें दिन घर लौटे कैरव

13 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था. घटना के 14वें दिन यानी 27 जनवरी की अल सुबह करीब 4 बजे पुलिस कैरव गांधी को लेकर उनके घर पहुंची. कैरव के गायब रहने से उनकी मां का रो-रो कर बुरा हाल था. जानकारी के अनुसार, उन्होंने अन्न तक त्याग दिया था. मंगलवार को बेटे कैरव को सुरक्षित देखकर उनकी आंखें भर आईं. उसके बाद उन्होंने अन्न ग्रहण किया.

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क्या कहते हैं पुलिस के अधिकारी

गयाजी जिले के वजीरगंज कैंप के डीएसपी सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि बुनियादगंज थाना क्षेत्र से जिन दो लोगों को उठाया गया है, वे जमशेदपुर से 13 जनवरी को अगवा किये गये युवा उद्योगपति कैरव गांधी के अपहरण और फिरौती के मामले में संलिप्त हैं. नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र से भी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. तीनों आरोपियों को झारखंड पुलिस बुधवार की सुबह अपने साथ जमशेदपुर लेकर चली गई.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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