जुड़वां बच्चों ने अफसरों को उलझाया, आरती फेल तो भुगलू-आमरीन पास

झारखंड में 23 फरवरी को निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा.
Jamshedpur Civic Polls: झारखंड के जमशेदपुर के नगर निकाय चुनाव में जुड़वां बच्चों के नियम ने प्रशासन को उलझाया. स्क्रूटनी के दौरान जुगसलाई में आरती चौधरी का नामांकन रद्द हुआ, जबकि आमरीन परवीन और आदित्यपुर से मेयर प्रत्याशी भुगलू सोरेन का नामांकन वैध ठहराया गया. दो संतान नीति पर अलग-अलग फैसले सामने आए. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
Jamshedpur Civic Polls: झारखंड के जमशेदपुर में नगर निकाय चुनाव में गुरुवार को हुई स्क्रूटनी के दौरान जुड़वां बच्चों से जुड़े नियम ने प्रशासन को असमंजस में डाल दिया. जुगसलाई नगर परिषद और आदित्यपुर नगर निगम में नामांकन जांच के दौरान अलग-अलग मामलों में भिन्न फैसले सामने आए, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया.
आरती चौधरी का नामांकन रद्द
जुगसलाई नगर परिषद से अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने वाली आरती चौधरी का नामांकन रद्द कर दिया गया. तीन बच्चों के नियम का हवाला देते हुए निर्वाचन पदाधिकारी ने उन्हें अयोग्य करार दिया. जांच में पाया गया कि नियमों के अनुसार आरती चौधरी का मामला निर्धारित शर्तों पर खरा नहीं उतरता, जिसके बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया.
आमरीन परवीन को मिली राहत
वहीं, जुगसलाई नगर परिषद के वार्ड-10 से चुनाव लड़ रहीं आमरीन परवीन के नामांकन को वैध माना गया. आमरीन के भी तीन बच्चे हैं, लेकिन इसमें एक बच्चा सिंगल और दो जुड़वां हैं. नियम के तहत जुड़वां बच्चों को एक साथ गिना जाता है, इसलिए उनका नामांकन सही ठहराया गया. इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि हर मामला परिस्थितियों के आधार पर परखा जा रहा है.
भुगलू सोरेन का नामांकन भी वैध
आदित्यपुर नगर निगम से मेयर पद के प्रत्याशी भुगलू सोरेन के नामांकन को भी जांच के बाद वैध घोषित किया गया. स्क्रूटनी के दौरान उनके दस्तावेज और शपथ पत्र में दी गई जानकारी नियमों के अनुरूप पाई गई.
क्या है दो संतान का नियम
झारखंड नगर निकाय चुनाव में दो संतान की नीति लागू है. यह प्रावधान झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 18 के तहत प्रभावी है. नियम के अनुसार 1 फरवरी 2013 के बाद यदि किसी प्रत्याशी की तीसरी संतान जन्म लेती है, तो वह नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा. हालांकि, इस तिथि से पहले जन्मे बच्चों, गोद लिए गए बच्चों और जुड़वां संतानों को छूट दी गई है.
गलत जानकारी देने पर कार्रवाई
नियमों के मुताबिक उम्मीदवारों को अपनी संतान संबंधी पूरी जानकारी शपथ पत्र में देना अनिवार्य है. गलत जानकारी देने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इसी आधार पर नामांकन की बारीकी से जांच की जाती है.
अधिकारियों ने दी सफाई
उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी कंचन सना ने बताया कि मेयर और वार्ड सदस्य चुनाव में अलग-अलग निर्वाचन पदाधिकारी नियमों के अनुसार निर्णय ले रहे हैं. किसी प्रत्याशी को आपत्ति होने पर वह राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत कर सकता है.
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कई नामांकन हुए रद्द
नगर निकाय चुनाव-2026 के तहत स्क्रूटनी में मानगो से तीन, जुगसलाई से एक और आदित्यपुर से एक नामांकन रद्द किया गया. अब नाम वापसी के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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