नहाय खाय के साथ छठ महापर्व शुरू

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Nov 2015 7:14 PM

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नहाय खाय के साथ छठ महापर्व शुरू 15कोडपी23नहाय खाय को लेकर प्रसाद बनाती छठ व्रती.15कोडपी4खरना आज, कल अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जायेगा अर्घ्यप्रतिनिधि, कोडरमा लोक आस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ रविवार को शुरू हो गया. चार दिवसीय अनुष्ष्ठान को लेकर जिले में जगह-जगह सफाई होने लगी है. गलियों व घाट तक जाने […]

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नहाय खाय के साथ छठ महापर्व शुरू 15कोडपी23नहाय खाय को लेकर प्रसाद बनाती छठ व्रती.15कोडपी4खरना आज, कल अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जायेगा अर्घ्यप्रतिनिधि, कोडरमा लोक आस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ रविवार को शुरू हो गया. चार दिवसीय अनुष्ष्ठान को लेकर जिले में जगह-जगह सफाई होने लगी है. गलियों व घाट तक जाने वाले रास्ते सजाये जाने लगे हैं. इस अनुष्ठान में स्वच्छता व पवित्रता का पूरा ख्याल रखा जाता है. रविवार को छठ व्रतियों ने पूजा करने के बाद कद्दू, दाल व भात खाया़ पर्व को लेकर बाजार में कद्दू व कोहड़ा की मांग ज्यादा रही. आज से शुरू होगा 36 घंटे का उपवास नहाय खाय के बाद सोमवार को पूरे दिन उपवास रख कर छठ व्रती प्रसाद के रूप में खीर, गुड़ व चावल से बनी खीर ग्रहण करेंगी. खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा. पूजा से जुड़ी कुछ मान्यताएं-पूजा के प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर ही बनाये जाते हैं.-प्रसाद बांस से बनी टोकरी में ही रखा जाता है. ऐसा शुद्धता के लिए किया जाता है.-पूजा में उपयोग में लायी जाने वाली हर चीज नयी होती है.-नहाय खाय व खरना में व्रती बिना नमक, प्याज और लहसुन का भोजन करते हैं.-सोने के लिए फर्श या एक पतली चटाई का उपयोग करते हैंद्रौपदी व पांडवों ने भी किया था छठछठ पर्व का इतिहास काफी पुराना है. महाभारत में इसका वर्णन मिलता है. अपने मुश्किल दिनों में द्रौपदी और पांचों पांडवों ने महान विद्वान धौम्य की सलाह पर सूर्य की साधना और आराधना की थी. इस साधना के फलस्वरूप द्रौपदी की न सिर्फ समस्याएं खत्म हुईं, बल्कि पांडवों ने भी अपने खोए हुए साम्राज्य को दोबारा प्राप्त कर लिया. एक और कथा के अनुसार यह माना जाता है कि छठ पर्व की शुरुआत सूर्य पुत्र और महान योद्धा कर्ण ने की. वैदिक काल में ऋषियों ने इस पूजा को प्रारंभ किया. इस प्रक्रिया के दौरान में बिना कुछ आहार लिए शरीर को रोग रहित रखने के लिए सूर्य की किरणों से सीधे ऊर्जा प्राप्त करते थे.सूती वस्त्रों की डिमांड बढ़ीछठ को लेकर बाजार सज गये हैं. ऐसी मान्यता है कि छठ पूजा में व्रतियों को नया सूती वस्त्र धारण करना चाहिए. इसे देखते हुए बाजार में सूती साड़ी की मांग बढ़ गयी है़ कढ़ाई वाली सूती साड़ी महिलाएं ज्यादा पसंद कर रही हैं. मान्यता है कि छठ में सिले हुए कपड़ों को धारण नहीं करना चाहिए. वहीं पुरुष व्रतियों के लिए धोती की मांग बढ़ गयी है. कल अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्यमंगलवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा. इस दिन व्रती घर पर प्रसाद के रूप में ठेकुआ बनाते हैं. बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा़ इसके साथ ही छठ महापर्व संपन्न हो जायेगा़ छठ व्रतियों के बीच कद्दू व कोहड़ा का वितरणकोडरमा बाजार. कोडरमा बाजार में पिंटू साव के नेतृत्व में फल सब्जी विक्रेताओं ने छठ व्रतियों के बीच कद्दू व कोहड़ा का वितरण नि:शुल्क किया. इस मौके पर अशोक पांडेय, महादेव पांडेय, बाबूलाल यादव, प्रमोद मालाकार, दिलीप पांडेय, मुंशी पंडित, संजय पांडेय आदि मौजूद थे. पिछले चार सालों से वितरण किया जा रहा है.

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