JMM की चुनाव आयोग से मांग, झारखंड के वोटरों को भी मिले 'उत्तराखंड मॉडल' जैसी डिजिटल सुविधाएं

Published by : Sameer Oraon Updated At : 12 Jun 2026 8:49 PM

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झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय

JMM News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर उत्तराखंड की तर्ज पर झारखंड में भी वर्ष 2003 की मतदाता सूची और बूथ मैपिंग को ऑनलाइन करने की मांग की है. पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने ये पत्र लिखा है. पढ़ें, क्या है उस पत्र में?

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रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

JMM News, रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा(झामुमो) ने भारत निर्वाचन आयोग से झारखंड के मतदाताओं की सुविधा के लिए उत्तराखंड की तर्ज पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची एवं बूथ मैपिंग से संबंधित ऑनलाइन खोज सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. इस संबंध में झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सफलता मतदाताओं की सहज भागीदारी, सूचना तक सरल पहुंच तथा प्रशासनिक पारदर्शिता पर निर्भर करती है. झामुमो ने ध्यान दिलाया कि उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने वर्ष 2003 की विधानसभा निर्वाचक नामावली से संबंधित अभिलेखों को खोजने और सत्यापित करने के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया है.

2003 के ईपीआईसी नंबर के आधार पर खोज सकते हैं नाम

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बताया कि उत्तराखंड में मतदाता नाम के आधार पर, वर्ष 2003 के ईपीआईसी नंबर के आधार पर तथा गांव, गली, मोहल्ला और क्षेत्र के आधार पर अपना नाम खोज सकते हैं. इसके अलावा वर्ष 2003 की मतदाता सूची की पीडीएफ डाउनलोड करने और अन्य राज्यों की अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा भी उपलब्ध है. झामुमो ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तराखंड में जिला वार वर्ष 2003 और वर्ष 2025 के मतदान केंद्रों की तुलनात्मक जानकारी उपलब्ध करायी गयी है, जिससे मतदाता पुराने और वर्तमान बूथों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

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झारखंड के लोगों को किन वजहों से हो रही परेशानी

पत्र में कहा गया है कि झारखंड में फिलहाल इस प्रकार की व्यापक और नागरिक-अनुकूल डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके कारण मतदाताओं को पुरानी मतदाता सूचियों में नाम खोजने, मतदान केंद्रों की तुलना करने और ऐतिहासिक निर्वाचन अभिलेखों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. झामुमो ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को आवश्यक निर्देश जारी कर उत्तराखंड मॉडल के अनुरूप नाम आधारित खोज, ईपीआईसी आधारित खोज, पुरानी मतदाता सूची की पीडीएफ डाउनलोड, बूथ मैपिंग तथा अन्य डिजिटल सुविधाएं विकसित करायी जायें. पार्टी का कहना है कि इससे मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जनविश्वास मजबूत होगा.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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