लीड :::: खेत में पड़ी दरार, सुखाड़
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Oct 2015 9:04 PM
लीड :::: खेत में पड़ी दरार, सुखाड़ प्रस्तावित टोटो प्रखंड में सुखाड़ की स्थिति6 गुम 3 में टोटो में धान के खेत में पड़ी दरार6 गुम 4 में सूखे खेत में चिंतित बैठा किसान6 गुम 5 में सूखे तालाब में चारा खाते पशु6 गुम 6 में गीता देवी, मुखिया6 गुम 7 में बंधन उरांव, किसान6 […]
लीड :::: खेत में पड़ी दरार, सुखाड़ प्रस्तावित टोटो प्रखंड में सुखाड़ की स्थिति6 गुम 3 में टोटो में धान के खेत में पड़ी दरार6 गुम 4 में सूखे खेत में चिंतित बैठा किसान6 गुम 5 में सूखे तालाब में चारा खाते पशु6 गुम 6 में गीता देवी, मुखिया6 गुम 7 में बंधन उरांव, किसान6 गुम 8 में तौफिक बबुआ, किसान6 गुम 9 में एकरामुल, किसान6 गुम 10 में बन्ने उरांव, किसान6 गुम 11 में बुद्धेश्वर उरांव, किसान दुर्जय पासवान, गुमलागुमला जिले में सावन व भादो में कम बारिश हुई. इसका असर खेती पर पड़ा. सिंचाई के अभाव में खेत में दरार पड़ गयी है. धान की फसल मर रही हैं. एक नंबर व दो नंबर खेत का फसल बरबाद हो गयी है. फसल मरने से किसान चिंता में हैं. सबसे बुरा असर गुमला से 15 किमी दूर प्रस्तावित टोटो प्रखंड का है. टोटो पंचायत के अलावा नवाडीह, आंजन, फोरी, असनी, खरका, कोटाम, कतरी, बसुवा पंचायत के हजारों एकड़ खेत में लगी फसल बरबाद हो गयी है. इसके अलावा गुमला के पूर्वी क्षेत्र के मुरकुंडा, कलिगा, अंबोवा, वृंदा, डुमरडीह, कसीरा, सिलाफारी, खोरा पंचायत में भी धान की फसल मर रही है. विभाग का सर्वे :15 प्रतिशत नुकसानकृषि विभाग गुमला में फसल का नुकसान का सर्वे किया है. विभाग की माने तो मात्र 15 प्रतिशत फसल बरबाद हुआ है. विभाग द्वारा इस वर्ष 188000 हेक्टेयर खेत में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया था. इसमें 90 प्रतिशत अाच्छादान हुआ था. इसमें 15 प्रतिशत फसल मरी है. अभी भी 75 प्रतिशत फसल ठीक है. आत्मा के तकनीकी पदाधिकारी अजीत कुमार की माने तो अगर फसल को पानी नहीं मिला तो और नुकसान हो सकता है.कतरी डैम हाथी के दांत बनाटोटो, नवाडीह, आंजन, फोरी, असनी, खरका, कोटाम, कतरी, बसुवा पंचायत में कतरी डैम से पानी आता है. लेकिन इसबार डैम में भी पानी नहीं है. अगर पानी है तो इसकी निकासी नहीं हो रही है. नहर सूखे हुए हैं. डैम व नहर के बगल के खेत में लगा फसल भी बेजान हो गया है. लाखों रुपये का कतरी डैम इस क्षेत्र के किसानों के लिए हाथी की दांत साबित हो रहा है.पलायन के मूड में हैं किसाननौ पंचायत की एक बड़ी आबादी पलायन के मूड में है. खेती नहीं हुई है. जमा पूंजी खेतीबारी में खत्म हो गयी है. इस क्षेत्र में कोई काम भी नहीं है. किसानों ने कहा है कि अगर सरकार द्वारा जल्द राहत कार्य शुरू नहीं किया गया तो दशहरा पर्व के बाद काफी संख्या में लोग पलायन कर जायेंगे.घर की पूंजी खत्म हो गयी : बंधनकिसान बंधन उरांव ने चार एकड़ खेत में फसल लगाया है. 20 हजार रुपये घर की पूंजी लगी है. फसल मर गया. खेत में दरार पड़ गयी है. उसने प्रशासन से आपदा के तहत मुआवजा मांगा है. उसने कहा : मुआवजा नहीं मिला तो भूखे मर जायेंगे.केसीसी माफ हो : तौफिक बबुआटोटो के तौफिक आलम बबुआ ने कहा कि आठ एकड़ खेत में फसल लगाये थे. 50 हजार रुपये केसीसी लेकर खेती की है. लेकिन पूरा फसल बरबाद हो गयी. बारिश नहीं हुई. सिंचाई का साधन नहीं है. केसीसी माफ होनी चाहिए.एक लाख लोन लिया : एकरामुलकिसान मोहम्मद एकरामुल ने एक लाख रुपये लोन लेकर 12 एकड़ में खेत किया था. शुरूआत में अच्छी बारिश थी. अब बारिश नहीं हो रही है. धान की फसल मर गयी. खेत में दरार पड़ गया है. केसीसी माफ हो.दोबारा पलायन करेंगे : बन्ने उरांवलोरो गांव के किसान बन्ने उरांव ने कहा कि ढाई एकड़ खेत में धान की खेती किये थे. मैं खुद बाहर काम करता हूं. कमा कर लौटा तो सोचा खेती कर लूं. पर बारिश नहीं होने से सबकुछ बरबाद हो गया. अब मजबूरी है. दोबारा पलायन करेंगे.21 एकड़ में धान बरबाद : बुद्धेश्वरकिसान बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि 21 एकड़ में धान की खेती किये थे. लेकिन बारिश नहीं होने से सिंचाई के अभाव में पूरी फसल बरबाद हो गयी. मैं तो बरबाद हो गया. घर कैसे चलेगा, इसकी चिंता है. सरकार मुआवजा दे.भारी तबाही हुई है : गीता देवीटोटो पंचायत की मुखिया गीता देवी ने कहा कि इस क्षेत्र में भारी तबाही हुई है. जिस उम्मीद व खुशी से किसान खेती किये थे. पानी के अभाव में सबकुछ बरबाद हो गया. आपदा के तहत मुआवजा की मांग को लेकर डीसी से मिलेंगे.
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