बांग्लादेशी घुसपैठियों की अब खैर नहीं, शुभेंदु सरकार ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन, बॉर्डर सील करने की तैयारी
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 12 Jun 2026 9:10 AM
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी.
Suvendu Adhikari Action Against Bangladeshi Infiltrators: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ महा-अभियान शुरू किया है. सीमावर्ती जिलों से लेकर कोलकाता तक फर्जी दस्तावेजों की जांच और संदिग्धों की धरपकड़ तेज हो गयी है.
खास बातें
Suvendu Adhikari Action Against Infiltrators: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया था कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ेंगे. इसका अभियान शुरू हो गया है. राज्य के गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों (Illegal Bangladeshi Infiltrators) के खिलाफ महा-अभियान शुरू कर दिया है.
संवेदनशील इलाकों की हो रही मैपिंग
खुफिया विभागों से मिले इनपुट के बाद राज्य के उन संवेदनशील इलाकों की मैपिंग की जा रही है, जहां फर्जी दस्तावेजों (जैसे वोटर कार्ड और आधार कार्ड) के सहारे घुसपैठियों ने शरण ले रखी है. नबान्न (सचिवालय) के सूत्रों के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ सीमावर्ती जिलों तक सीमित नहीं रहेगा. कोलकाता सहित राज्य के सभी प्रमुख औद्योगिक और शहरी विंग्स में एक साथ चलेगा, जिसने अवैध रूप से रह रहे सिंडिकेट के भीतर भारी हड़कंप मचा दिया है.
बॉर्डर से लेकर महानगरों तक हाई अलर्ट
गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और खुफिया विंग के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर इस अभियान का पूरा रोडमैप तैयार किया है. अवैध तरीके से भारतीय पहचान पत्र हासिल करने वाले संदिग्धों को पकड़ने के लिए सीमावर्ती जिलों जैसे उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. यह टीम स्थानीय निकायों के साथ मिलकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है.
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Suvendu Adhikari Action Against Infiltrators: बॉर्डर पर अभूतपूर्व कड़ाई
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर राज्य पुलिस ने संयुक्त गश्त बढ़ा दी है. नदीय क्षेत्रों और कंटीले तारों से मुक्त बॉर्डर प्वाइंट्स पर अत्याधुनिक थर्मल इमेजिंग कैमरों और ड्रोन की मदद से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को शून्य पर लाया जा सके.
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शहरी सिंडिकेट और फर्जी पहचान पत्रों के नेटवर्क पर चोट
इस बार जांच का दायरा केवल अंतरराष्ट्रीय सीमा तक सीमित नहीं है. कोलकाता, हावड़ा और हुगली के औद्योगिक बेल्ट, जूट मिलों और बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के पहचान पत्रों की भी रैंडम चेकिंग शुरू की गयी है. पुलिस को अंदेसा है कि कई संदिग्ध घुसपैठिये इन जगहों पर अपनी पहचान छिपाकर रह रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़
पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती इलाकों से 2 ऐसे मास्टरमाइंड को दबोचा है, जो महज कुछ हजार रुपए में सीमा पार कराने और फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराने का रैकेट चला रहे थे. इनके पास से कई फर्जी सील और खाली दस्तावेज बरामद हुए हैं.
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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