शुभेंदु अधिकारी की अपील- घर लौटें प्रवासी श्रमिक, 125 दिन काम देगी सरकार

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सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी.

सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रवासी श्रमिकों को राज्य लौटने की अपील की है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भाजपा सरकार रोजगार के नये अवसर पैदा करेगी और जॉब कार्ड धारकों को 125 दिन काम देगी. सरकारी योजनाओं का भी उन्हें लाभ मिलेगा. पढ़ें पूरी खबर.

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य के प्रवासी श्रमिकों से अपने घर लौटने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार रोजगार के अवसर पैदा करेगी और जॉब कार्ड पाने वाले लोगों को 125 दिन का काम देगी.

विकास के दौर में प्रवेश कर रहा बंगाल : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्य सिक्किम में हाल ही में सुरंग हादसे में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के मजदूरों के परिवारों से जलपाईगुड़ी में मिलने के बाद कहा कि राज्य ‘विकास के दौर’ में प्रवेश कर रहा है. शुभेंदु ने कहा- मैं प्रवासी मजदूरों से वापस आने की अपील करता हूं. राज्य सरकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए तैयार है. जो लोग वापस आयेंगे, वे नये जॉब कार्ड बनवा सकते हैं और 125 दिनों का काम पा सकते हैं.

सकार आपको परेशानी नहीं होने देगी : अधिकारी

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को मुफ्त राशन दे रही है. आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक इलाज कराने की व्यवस्था है. जो लोग इसके दायरे में नहीं आते, उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वापस आने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो.

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उत्तर बंगाल में भी लगेगा अमूल जैसा डेयरी प्लांट

मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई योजनाओं के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दक्षिण बंगाल की तर्ज पर उत्तरी बंगाल में भी डेयरी सहकारिता अमूल को 15 एकड़ भूमि आवंटित करेगी. उद्योग विभाग ने इस परियोजना के लिए पहले ही जमीन चिह्नित कर ली है.

बंद पड़े 10-12 चाय बागान जल्द शुरू होने की उम्मीद

उन्होंने चाय उद्योग की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में अभी 25 चाय बागान बंद हैं. इसकी वजह से मजदूरों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि में ‘प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना’ शुरू होगी. चाय श्रमिकों को आर्थिक सहायता के लिए 330 करोड़ रुपए आवंटित किये गये हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि श्रम मंत्री अर्जुन सिंह और टी बोर्ड के चेयरमैन की कोशिशों से अगले दो-तीन महीनों में बंद पड़े 10 से 12 चाय बागान फिर से चालू हो जायेंगे.

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कृषि और उद्योग पर शुभेंदु सरकार का जोर

  • मालदा में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा. आम, लीची, मखाना, अन्नानस और मक्के के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां बनेंगी.
  • मालदा जिले के मशहूर ‘तुलाईपंजी’ चावल पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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