शुभेंदु अधिकारी का डोनाल्ड ट्रंप स्टाइल एक्शन, मिशन Detect, Delete and Deport शुरू, 9 घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में डाला

Suvendu Adhikari Detect Delete Deport Policy West Bengal Latest News Update
Suvendu Adhikari Detect Delete Deport Policy: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ Detect, Delete and Deport नीति लागू की है. जिलाधिकारियों को होल्डिंग सेंटर्स बनाने के निर्देश दिये गये हैं. BSF को जमीन सौंप दी गयी है, ताकि वह सीमा पर बाड़बंदी का काम पूरा कर सके. जानें बंगाल में घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को निकालने के लिए क्या-क्या कर रही नयी सरकार.
खास बातें
Suvendu Adhikari Detect Delete Deport Policy: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ व्यापक 3D पॉलिसी (Detect, Delete and Deport) पर काम शुरू कर दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त प्रवासी नीति की याद दिलाने वाले इस एक्शन प्लान के तहत, अब पकड़े गये अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्करों में नहीं फंसाया जायेगा. उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपकर देश वापस भेजा जायेगा.
मालदा के इंगलिश बाजार के चंदन पार्क में बना डिटेंशन सेंटर
इस नीति को सोमवार से लागू भी कर दिया गया. मालदा पहला जिला बना, जिसने अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए एक निरुद्ध केंद्र (Detention Center) स्थापित किया है. यहां 9 संदिग्ध बांग्लादेशियों को रखा गया है. जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंगलिश बाजार के चंदन पार्क में डिटेंशन सेंटर स्थापित किया गया है. रविवार को गजोले के पांडुआ क्षेत्र से 3 महिला और 6 नाबालिग को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यहां लाया गया.
सीसीटीवी निगरानी और 12 पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा
अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी, 12 पुलिसकर्मियों की तैनाती, नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों और नागरिक स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ-साथ भोजन और रख-रखाव की व्यवस्था के साथ केंद्र को कई स्तरों की सुरक्षा के दायरे में रखा गया है.
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कैसे लोगों को रखा जायेगा निरुद्ध केंद्र में?
मालदा के एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि यहां उन विदेशी नागरिकों को अस्थायी रूप से रखा जायेगा, जिन्हें अवैध रूप से प्रवेश करने या वैध दस्तावेजों की कमी के आरोप में हिरासत में लिया गया है. यह राज्य के गृह और पहाड़ी मामलों के विभाग की विदेशी शाखा द्वारा सभी जिला प्रशासनों को ‘पकड़े गये विदेशियों’ और ‘निर्वासन या स्वदेश वापसी की प्रतीक्षा कर रहे रिहा विदेशी कैदियों’ के लिए ‘निरुद्ध केंद्र’ स्थापित करने का निर्देश देने के ठीक 2 दिन बाद सामने आया है.
मालदा जिले में निरुद्ध केंद्र ने काम करना शुरू कर दिया है. फिलहाल, 9 बांग्लादेशी नागरिकों को वहां रखा गया है. आवश्यक सत्यापन और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं. हिरासत में लिये गये लोगों के साथ निर्धारित कानूनी मानदंडों के अनुसार व्यवहार किया जा रहा है.
मालदा के एक अधिकारी
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क्या है Detect, Delete and Deport पॉलिसी?
शुभेंदु अधिकारी सरकार का यह नया फॉर्मूला राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी (Demography) को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है. इसे विस्तार से समझें.
- Detect (पहचान): खुफिया तंत्र और जिला प्रशासन के जरिये उन लोगों की पहचान की जायेगी, जो बिना वैध दस्तावेजों के राज्य में रह रहे हैं.
- Delete (हटाना): बिना वैध दस्तावेज के लोगों की पहचान होने के बाद उनके नाम मतदाता सूची (Voter List), राशन कार्ड और अन्य सरकारी डेटाबेस से तत्काल प्रभाव से हटा दिये जायेंगे.
- Deport (निर्वासन): पकड़े गये घुसपैठियों को सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सुपुर्द किया जायेगा, जो बांग्लादेशी सीमा प्रहरियों (BGB) के साथ तालमेल बिठाकर उन्हें वापस उनके देश भेज देंगे.
जिला स्तर पर बनेंगे ‘होल्डिंग सेंटर्स’
सरकार ने केवल आदेश ही नहीं दिया है, बल्कि बुनियादी ढांचा भी तैयार करना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर अपने-अपने जिलों में होल्डिंग सेंटर्स (Holding Centres) स्थापित करने का निर्देश दिया है. इन केंद्रों में उन विदेशी नागरिकों को रखा जायेगा, जो जेल से रिहा हो चुके हैं या जिन्हें अवैध रूप से भारत में रहते हुए पकड़ा गया है, जब तक कि उनकी नागरिकता सत्यापन और निर्वासन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती.
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शुभेंदु अधिकारी की दो टूक- CAA के बाहर सब अवैध
नबान्न (सचिवालय) में वरिष्ठ अधिकारियों और BSF प्रमुख के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जो लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के दायरे में नहीं आते, वे पूरी तरह से घुसपैठिये हैं. उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सालों तक केंद्र के निर्देशों की अनदेखी की गयी, लेकिन अब बंगाल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा.
Suvendu Adhikari Detect Delete Deport Policy: बॉर्डर थानों को मिला ग्रीन सिग्नल
राज्य के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश दिया गया है कि सीमावर्ती इलाकों के सभी थानों में यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये. अब स्थानीय पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेते ही इसकी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों और BSF को देगी, जिससे कानूनी जटिलताएं कम होंगी और निर्वासन की प्रक्रिया तेज होगी.
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By मिथिलेश झा
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